नाव के सहारे जिंदगी, बनारपुर की पिछड़ी बस्ती में घुसा कर्मनाशा का पानी
गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच कर्मनाशा नदी के उफान ने चौसा प्रखंड के बनारपुर पंचायत के वार्ड नौ स्थित पिछड़ी बस्ती के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नदी का पानी बस्ती में फैलने से दो दर्जन से अधिक घर प्रभावित हो गए हैं। कई घरों में पानी प्रवेश कर जाने से लोगों के सामने रहने से लेकर रोजमर्रा के कामकाज तक की चुनौती खड़ी हो गई है।


__ वार्ड नौ में दो दर्जन से अधिक घर बाढ़ की चपेट में, आंगनबाड़ी केंद्र व सामुदायिक भवन भी जलमग्न; सिकरौल जाने वाली सड़क पर बढ़ा पानी
केटी न्यूज/चौसा
गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच कर्मनाशा नदी के उफान ने चौसा प्रखंड के बनारपुर पंचायत के वार्ड नौ स्थित पिछड़ी बस्ती के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नदी का पानी बस्ती में फैलने से दो दर्जन से अधिक घर प्रभावित हो गए हैं। कई घरों में पानी प्रवेश कर जाने से लोगों के सामने रहने से लेकर रोजमर्रा के कामकाज तक की चुनौती खड़ी हो गई है। बस्ती में जलजमाव का आलम यह है कि ग्रामीणों को घर से बाहर निकलने के लिए भी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ ही बस्ती के कई रास्ते पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले ग्रामीण पानी के बीच नाव से आवागमन कर रहे हैं। इससे खासकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की परेशानी बढ़ गई है। वहीं, वार्ड नौ में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक भवन भी पानी से घिर गए हैं। ऐसे में केंद्र की गतिविधियां प्रभावित होने के साथ बच्चों की नियमित उपस्थिति पर भी असर पड़ रहा है।

__ सिकरौल मार्ग पर भी बढ़ा पानी, आवागमन पर संकट
कर्मनाशा का पानी सिकरौल गांव जाने वाली सड़क पर भी पहले की अपेक्षा और बढ़ गया है। सड़क पर पानी का दबाव बढ़ने से आवागमन को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण कर नाव की व्यवस्था कराने को कहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी के जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो बस्ती के और घर इसकी चपेट में आ सकते हैं।

__ एसडीओ-सीओ ने लिया जायजा
मंगलवार को एसडीओ अविनाश कुमार और सीओ विजय प्रकाश ने बनारपुर पंचायत के बाढ़ प्रभावित इलाके का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बस्ती में जलजमाव और प्रभावित घरों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी भी ली गई। अधिकारियों ने सिकरौल जाने वाले मार्ग की स्थिति भी देखी।ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष आवागमन की समस्या और बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न खतरे की जानकारी दी। एसडीओ ने प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। सीओ ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आवश्यकता के अनुसार प्रशासन की ओर से जरूरी कदम उठाए जाएंगे।बनारपुर में छेदी लाल धोबी, बगेदन धोबी, अनवर धोबी, श्यामलाल चौधरी, यदुनन्दन, रामजगी, कौशल्या देवी समेत कई परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से नाव की स्थायी व्यवस्था के साथ प्रभावित परिवारों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

