बागीचे से गायब वकील पासी की मौत का दूसरे दिन भी नहीं खुला राज, हादसा या हत्या पर उलझी पुलिस

हरनही रोड स्थित बागीचे से रक्षाबंधन की रात रहस्यमय ढंग से लापता हुए 55 वर्षीय वकील पासी की मौत का राज शव बरामद होने के दूसरे दिन भी नहीं खुल सका है। पुलिस अब तक इस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है कि अधेड़ की मौत नदी में डूबने से हुए हादसे का परिणाम है या फिर उनकी हत्या कर शव को कांव नदी में फेंका गया।

बागीचे से गायब वकील पासी की मौत का दूसरे दिन भी नहीं खुला राज, हादसा या हत्या पर उलझी पुलिस

__ परिजनों का दावा—सुनियोजित तरीके से हत्या कर शव को कांव नदी में फेंका गया; बागीचे से एक किमी दूर मिला शव, चप्पल व कपड़े वहीं मिलने से गहराया संदेह

केटी न्यूज/डुमरांव

हरनही रोड स्थित बागीचे से रक्षाबंधन की रात रहस्यमय ढंग से लापता हुए 55 वर्षीय वकील पासी की मौत का राज शव बरामद होने के दूसरे दिन भी नहीं खुल सका है। पुलिस अब तक इस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है कि अधेड़ की मौत नदी में डूबने से हुए हादसे का परिणाम है या फिर उनकी हत्या कर शव को कांव नदी में फेंका गया। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट को पुलिस इस मामले की अहम कड़ी मान रही है। इधर, परिजन हत्या की आशंका पर पूरी तरह कायम हैं और उनका स्पष्ट आरोप है कि वकील पासी की सुनियोजित तरीके से हत्या कर शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से नदी में फेंका गया।सोमवार की सुबह हरनही ब्रह्म स्थान के समीप कांव नदी से वकील पासी का शव बरामद हुआ था। जिस स्थान से शव मिला, वह उस बागीचे से करीब एक किलोमीटर दूर है, जहां वे रात में रखवाली करते थे।

परिजनों के मुताबिक वकील पासी सामान्य तौर पर बागीचे से बाहर नहीं जाते थे। अगर कभी बाहर जाना भी होता था तो चप्पल पहनकर ही निकलते थे। खास बात यह है कि उनकी चप्पल और कपड़े बागीचे में ही मिले हैं। ऐसे में परिजन सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वह बिना चप्पल के करीब एक किलोमीटर दूर नदी तक कैसे पहुंचे।परिजनों ने कांव नदी की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि नदी में इस समय न तो इतना पानी है और न ही धार इतनी तेज है कि करीब 60-65 किलो वजन का किसी व्यक्ति का शव बहकर इतनी दूर तक पहुंच जाए। यही वजह है कि परिवार को आशंका है कि शव को कहीं और से लाकर नदी में फेंका गया है।

__ पेचीदा मामले में कई बिंदुओं पर जांच

पुलिस परिजनों के आरोपों के साथ-साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के नतीजों पर नजर बनाए हुए है। थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामला पेचीदा है, लेकिन घटना के वास्तविक कारणों का जल्द खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।

__ बधार में रात की रखवाली करने वालों में बढ़ी चिंता

वकील पासी की रहस्यमय मौत के बाद हरनही रोड के बधार में खेतों में काम करने वाले किसानों और रात में खेत-बागीचे की रखवाली करने वालों की चिंता बढ़ गई है। घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं। लोग दबी जुबान कई तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। हालांकि, इन चर्चाओं की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों की नजर अब पुलिस की जांच पर टिकी है।लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वकील पासी बागीचे से निकलकर हरनही ब्रह्म स्थान तक कैसे पहुंचे? क्या कहीं और उनकी हत्या कर शव को सुनसान इलाके में ले जाकर नदी में फेंका गया या फिर वे स्वयं वहां पहुंचे और किसी हादसे के शिकार हो गए? इन तमाम सवालों का जवाब अब पोस्टमार्टम, फोरेंसिक जांच और पुलिस की आगे की पड़ताल से ही सामने आएगा।