किशोरियों के स्वास्थ्य की नई पहल: डुमरांव में गार्डसिल टीकाकरण अभियान शुरू

महिलाओं में बढ़ते सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने के उद्देश्य से डुमरांव प्रखंड में गार्डसिल टीकाकरण अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है। इसको लेकर प्रखंड कार्यालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें अभियान की रूपरेखा और क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।

किशोरियों के स्वास्थ्य की नई पहल: डुमरांव में गार्डसिल टीकाकरण अभियान शुरू

__  14–15 वर्ष की बालिकाओं को मिलेगा गर्भाशय कैंसर से बचाव, आधार के जरिए होगा पंजीकरण

केटी न्यूज/डुमरांव

महिलाओं में बढ़ते सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने के उद्देश्य से डुमरांव प्रखंड में गार्डसिल टीकाकरण अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है। इसको लेकर प्रखंड कार्यालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें अभियान की रूपरेखा और क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आर.बी. प्रसाद ने बताया कि यह टीकाकरण कार्यक्रम विशेष रूप से 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है।वर्ष 2011 और 2012 में जन्मी बालिकाएं इस अभियान के तहत पात्र होंगी।

उन्होंने कहा कि गार्डसिल वैक्सीन अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर मेडिकल कॉलेज स्तर तक उपलब्ध है, जिससे अधिक से अधिक लाभार्थियों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित की जा सके।टीकाकरण के लिए लाभार्थियों को अपने आधार कार्ड के साथ नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर पंजीकरण कराना होगा। आधार के माध्यम से ही ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और सही पहचान सुनिश्चित हो सके।डॉ. प्रसाद ने जानकारी दी कि गार्डसिल एक प्रभावी वैक्सीन है, जो ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के कई खतरनाक प्रकारों से सुरक्षा प्रदान करती है।यह वायरस सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है। इसके अलावा यह जननांग मस्से, योनि और गुदा संबंधी संक्रमण जैसी समस्याओं के लिए भी जिम्मेदार माना जाता है।

महिलाओं में बढ़ रहे गर्भाशय कैंसर का खतरा भी इस टीका से समाप्त हो जाएगा।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस वैक्सीन से लगभग 95 प्रतिशत तक सुरक्षा संभव है, जो किशोरियों के भविष्य के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बच्चियों को समय पर टीकाकरण के लिए जरूर लेकर आएं, ताकि उन्हें गंभीर बीमारियों से बचाया जा सके।स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस अभियान को सफल बनाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक लोग इस पहल का लाभ उठा सकें। यह कदम महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।