भक्ति के रंग में रंगा राजगढ़ चौक, वैदिक मंत्रों से गूंजा मां काली मंदिर

डुमरांव राजगढ़ चौक स्थित मां काली मंदिर का वार्षिक उत्सव बुधवार को पूरे वैदिक विधान और श्रद्धा-भक्ति के साथ संपन्न हुआ। वार्षिकोत्सव को लेकर सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। वैदिक विद्वानों के मंगलाचरण और मंत्रोच्चार के बीच मां काली सहित मंदिर में स्थापित अन्य देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना कराई गई।

भक्ति के रंग में रंगा राजगढ़ चौक, वैदिक मंत्रों से गूंजा मां काली मंदिर

__ हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में संपन्न हुआ वार्षिकोत्सव, मंगलाचरण से लेकर महाआरती तक दिखा आस्था का अद्भुत संगम

केटी न्यूज/डुमरांव।

डुमरांव राजगढ़ चौक स्थित मां काली मंदिर का वार्षिक उत्सव बुधवार को पूरे वैदिक विधान और श्रद्धा-भक्ति के साथ संपन्न हुआ। वार्षिकोत्सव को लेकर सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। वैदिक विद्वानों के मंगलाचरण और मंत्रोच्चार के बीच मां काली सहित मंदिर में स्थापित अन्य देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना कराई गई। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान पूरा मंदिर परिसर वैदिक मंत्रों और मंगलकारी गीतों से गूंजता रहा। वातावरण में ऐसी भक्ति की छटा बिखरी कि राजगढ़ चौक सहित आसपास का इलाका देर शाम तक आस्था के रंग में डूबा रहा।

__ मंगलाचरण से शुरू हुआ धार्मिक अनुष्ठान

वार्षिकोत्सव की शुरुआत वैदिक विद्वानों द्वारा मंगलाचरण के साथ हुई। इसके बाद विधि-विधान से मां काली की विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंदिर में स्थापित अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा कराई गई। श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में मत्था टेककर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। पूजा के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों से बज रहे मांगलिक एवं देवी गीत और वैदिक मंत्रोच्चार वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बनाए हुए थे।

__ हजारों श्रद्धालुओं ने लिया मां का आशीर्वाद

वार्षिकोत्सव में डुमरांव नगर के अलावा आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महिला, पुरुष और बच्चे सभी मां काली के दर्शन के लिए कतारबद्ध नजर आए। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण राजगढ़ चौक का पूरा इलाका उत्सवी माहौल में तब्दील हो गया। मंदिर के निर्माता एवं डुमरांव के अग्रणी व्यवसायी पन्नालाल जायसवाल के नेतृत्व में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।

__देर शाम हुई भव्य महाआरती

दिनभर चले धार्मिक अनुष्ठानों के बाद देर शाम भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। आरती के समय मंदिर की छटा देखते ही बन रही थी। दीपों की रोशनी, घंटियों की गूंज और मां काली के जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया।

__ मंदिर के बाहर दिखा मेले जैसा नजारा

वार्षिकोत्सव को लेकर मंदिर के बाहर मेले जैसा दृश्य देखने को मिला। विभिन्न प्रकार की अस्थायी दुकानें और बच्चों के मनोरंजन के साधन आकर्षण का केंद्र बने रहे। परिवार के साथ पहुंचे बच्चों ने भी उत्सव का जमकर आनंद उठाया। देर शाम तक राजगढ़ चौक पर चहल-पहल बनी रही।मंदिर के निर्माता पन्नालाल जायसवाल के नेतृत्व में आयोजित यह वार्षिकोत्सव धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता का भी उदाहरण बना। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। वैदिक मंत्रों, भक्ति गीतों और मां काली के जयकारों से पूरा क्षेत्र लंबे समय तक भक्तिरस में सराबोर रहा।