सर्वर ने रोकी इलाज की रफ्तार, गर्मी में कतार में तड़पते रहे मरीज

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौगाईं में सोमवार को तकनीकी खराबी मरीजों के लिए मुसीबत बन गई। ओपीडी के दौरान सर्वर डाउन होने से ऑनलाइन इंट्री और पंजीकरण समेत कई जरूरी काम बाधित रहे। इसका सीधा असर अस्पताल की मरीज सेवा व्यवस्था पर पड़ा और इलाज के लिए पहुंचे लोगों को अपनी बारी के लिए काफी देर तक कतार में खड़ा रहना पड़ा।

सर्वर ने रोकी इलाज की रफ्तार, गर्मी में कतार में तड़पते रहे मरीज

__ ऑनलाइन इंट्री ठप होने से सीएचसी चौगाईं में बढ़ी परेशानी, बुजुर्ग और महिलाओं को घंटों करना पड़ा इंतजार

केटी न्यूज/चौगाईं।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौगाईं में सोमवार को तकनीकी खराबी मरीजों के लिए मुसीबत बन गई। ओपीडी के दौरान सर्वर डाउन होने से ऑनलाइन इंट्री और पंजीकरण समेत कई जरूरी काम बाधित रहे। इसका सीधा असर अस्पताल की मरीज सेवा व्यवस्था पर पड़ा और इलाज के लिए पहुंचे लोगों को अपनी बारी के लिए काफी देर तक कतार में खड़ा रहना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच अस्पताल परिसर में मरीजों की लंबी कतार लगी रही।सर्वर की समस्या के कारण मरीजों का ऑनलाइन पंजीकरण और संबंधित प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो पा रही थी। नतीजतन ओपीडी में मरीजों की आवाजाही बनी रहने के बावजूद व्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ गई। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य जरूरतमंद मरीजों को हुई।

कई मरीज गर्मी से परेशान होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।मरीजों का कहना था कि सर्वर खराब होने की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को दिए जाने के बावजूद उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। उनका कहना था कि अस्पताल में इलाज कराने के लिए आने वाले मरीज पहले से ही परेशानी में रहते हैं, ऐसे में तकनीकी खराबी के कारण लंबा इंतजार उनकी मुश्किल और बढ़ा देता है।सीएचसी प्रभारी डॉ. मितेंद्र कुमार ने बताया कि सर्वर खराब होने की सूचना संबंधित तकनीकी टीम को दे दी गई है। समस्या को जल्द दूर कराने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि तकनीकी समस्या के कारण कुछ समय के लिए ओपीडी की व्यवस्था प्रभावित हुई है। सर्वर ठीक होते ही मरीजों की ऑनलाइन प्रक्रिया और इलाज की व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी।वहीं, मरीजों ने अस्पताल प्रशासन से कंप्यूटर और सर्वर जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने तथा ऐसी समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को तकनीकी खामी के कारण घंटों इंतजार न करना पड़े।