बनारपुर पंचायत में आवास सर्वे पर सख्ती, गड़बड़ी पर जीरो टॉलरेंस
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बनारपुर पंचायत में कराए गए आवास सर्वे को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त मोड में नजर आ रहा है। सर्वे में संभावित गड़बड़ियों और अपात्र लाभुकों की आशंका को देखते हुए जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के निदेशक अरविंद कुमार सिंह ने खुद मौके पर पहुंचकर जांच की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट संकेत दे दिया कि अब आवास योजना में किसी भी स्तर की लापरवाही या हेराफेरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
-- डीआरडीए निदेशक ने खुद संभाली कमान, संदिग्ध लाभुकों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य
केटी न्यूज/चौसा।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बनारपुर पंचायत में कराए गए आवास सर्वे को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त मोड में नजर आ रहा है। सर्वे में संभावित गड़बड़ियों और अपात्र लाभुकों की आशंका को देखते हुए जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के निदेशक अरविंद कुमार सिंह ने खुद मौके पर पहुंचकर जांच की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट संकेत दे दिया कि अब आवास योजना में किसी भी स्तर की लापरवाही या हेराफेरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

-- 564 लाभुकों की सूची खंगाली, दस्तावेजों की हुई बारीकी से जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि बनारपुर पंचायत में कुल 564 परिवारों का आवास सर्वे किया गया है। डीआरडीए निदेशक ने सर्वे सूची, लाभुकों के दस्तावेज, पारिवारिक स्थिति और आवास की वास्तविक जरूरत की गहन पड़ताल की। उन्होंने मौके पर मौजूद आवास सहायक, पंचायत रोजगार सेवक और संबंधित कर्मियों से एक-एक बिंदु पर जवाब तलब किया।

-- अपात्रों को लाभ देने पर सख्त कार्रवाई के संकेत
अरविंद कुमार सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सरकार की सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील योजनाओं में से एक है। इसमें यदि किसी अपात्र व्यक्ति को लाभ दिया गया या वास्तविक जरूरतमंद को वंचित किया गया, तो जिम्मेदार कर्मियों पर सख्त कार्रवाई तय है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन परिवारों की स्थिति संदिग्ध है, उनका भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि किसी तरह की शिकायत की गुंजाइश न रहे।

-- आवास और मनरेगा के तालमेल पर जोर
मनरेगा निदेशक प्रशांत कुमार ने निरीक्षण के दौरान कहा कि आवास योजना और मनरेगा के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि आवास निर्माण से जुड़े कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और नियमानुसार पूरे किए जाएं, ताकि लाभुकों को समय पर पक्के मकान का लाभ मिल सके।
-- शिकायतों के निष्पक्ष निपटारे का भरोसा
प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज पासवान ने बताया कि सर्वे के दौरान जिन परिवारों की ओर से आपत्तियां या शिकायतें सामने आई हैं, उनका निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से निपटारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि सही लाभुक तक योजना का लाभ पहुंचाना है।

-- जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील
निरीक्षण के अंत में अधिकारियों ने पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मियों से अपील की कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी ईमानदारी से सहयोग करें। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब आवास योजना में ढिलाई नहीं, बल्कि सख्ती और पारदर्शिता ही प्राथमिकता होगी।
