जिले की विकास योजनाओं पर सख्ती, ऋण लक्ष्य हर हाल में हासिल करें बैंक - उप विकास आयुक्त

समाहरणालय परिसर स्थित कार्यालय कक्ष में शुक्रवार को उप विकास आयुक्त आकाश चौधरी की अध्यक्षता में जून-2025 तिमाही की जिला सलाहकार समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति तथा जिला स्तरीय आर-सेटी परामर्शदात्री समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।

जिले की विकास योजनाओं पर सख्ती, ऋण लक्ष्य हर हाल में हासिल करें बैंक - उप विकास आयुक्त

-- बैंकों की तिमाही समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त ने जताया असंतोष, वित्तीय समावेशन अभियान तेज करने का दिए निर्देश

केटी न्यूज/बक्सर

समाहरणालय परिसर स्थित कार्यालय कक्ष में शुक्रवार को उप विकास आयुक्त आकाश चौधरी की अध्यक्षता में जून-2025 तिमाही की जिला सलाहकार समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति तथा जिला स्तरीय आर-सेटी परामर्शदात्री समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उपायुक्त-बैंकिंग रवि बहादुर, भारतीय रिज़र्व बैंक के प्रबंधक आशीष रंजन, जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक ज्योत्सना वर्मा, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक एस.एम. जफर अहमद, आर-सेटी की निदेशिका तृप्ति आनंद समेत विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक एवं अधिकारी मौजूद रहे।

-- बैंकों की तिमाही प्रगति रिपोर्ट पर असंतोष

बैठक की शुरुआत वित्तीय वर्ष 2024-25 की जून-2025 तिमाही प्रगति रिपोर्ट की प्रस्तुति से हुई। इस दौरान उप विकास आयुक्त ने जिले के साख-जमा अनुपात और वार्षिक ऋण योजना की स्थिति की समीक्षा की।उन्होंने कई बैंकों द्वारा निर्धारित लक्ष्य से कम प्रगति पर असंतोष जताया और कहा कि सभी बैंक समन्वयक अपने वार्षिक ऋण लक्ष्य को हर हाल में प्राप्त करें।उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा जब बैंक अपनी भूमिका गंभीरता से निभाएं। जो बैंक पीछे रह गए हैं, उनके समन्वयकों को विशेष अभियान चलाकर लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया गया।

-- कृषि व पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोर

नए केसीसी खातों को बढ़ाने पर चर्चा करते हुए उप विकास आयुक्त ने पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के पदाधिकारियों को बैंकों के साथ सक्रिय सहयोग करने को कहा। उन्होंने बताया कि कृषि और ंससपमक ेमबजवते की मजबूती जिले की अर्थव्यवस्था के लिए अहम है।नाबार्ड के प्रतिनिधि ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में कृषि क्षेत्र में ऋण प्रवाह की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई और सभी बैंकों से अपील की कि वे बड़े कृषि ऋण प्रस्तावों को प्राथमिकता दें।

-- प्रधानमंत्री योजनाओं पर संतोष, पर गति बढ़ाने की जरूरत

पीएमईजीपी (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम) और पीएमएफएमई (प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना) की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। हालांकि उप विकास आयुक्त ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि ऋण स्वीकृति के बाद तुरंत वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लाभार्थी बिना विलंब योजना का लाभ उठा सकें।

-- वित्तीय समावेशन अभियान को रफ्तार दें

वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि संतृप्ति अभियान को और तेज किया जाए। उन्होंने निष्क्रिय खातों के रि-केवाईसी कर उन्हें चालू करने पर भी जोर दिया।

--लोक मांग बसूली मामलों पर सख्ती

बैठक में पीडीआर अधिनियम के तहत दायर केसों पर भी चर्चा हुई। उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी बैंक प्रबंधक हर माह के प्रथम सोमवार को आयोजित होने वाले कैंप में अपने केसों का रजिस्टर-9 और 10 से मिलान अवश्य कराएं।उन्होंने कहा कि जो शाखाएं इस दिशा में लापरवाही बरतेंगी, उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए कंट्रोलिंग ऑफिस को सूचित किया जाएगा।

-- बैंकों की भूमिका अहम, जनता तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

बैठक के अंत में उप विकास आयुक्त ने कहा कि जिले की विकास योजनाओं और आम लोगों तक सरकारी सुविधाओं को पहुंचाने में बैंकों की भूमिका सबसे अहम है।उन्होंने दोहराया कि ऋण लक्ष्य हासिल करना, कृषि ऋण को बढ़ावा देना, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का संतृप्तिकरण और वित्तीय समावेशन को मजबूत करना प्राथमिक जिम्मेदारी है।उन्होंने सभी बैंक प्रतिनिधियों से कहा कि जिले के विकास में बाधा बनने वाली किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।