नंदन में 10 कट्ठा में लगी टमाटर की फसल बर्बाद, थाने तक पहुंचा मामला

डुमरांव थाना क्षेत्र के नंदन गांव में एक किसान की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। खेत में तैयार हो रही टमाटर की फसल नष्ट मिलने से किसान को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाने की आशंका है। करीब 10 कट्ठा जमीन में लगी टमाटर की फसल बर्बाद होने के बाद पीड़ित किसान ने इस घटना के पीछे साजिश की आशंका जताई है।

नंदन में 10 कट्ठा में लगी टमाटर की फसल बर्बाद, थाने तक पहुंचा मामला

__ खेत में उजड़ी फसल देख किसान के उड़े होश, अज्ञात लोगों पर जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का आरोप; पुलिस से जांच की गुहार

केटी न्यूज/डुमरांव।

डुमरांव थाना क्षेत्र के नंदन गांव में एक किसान की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। खेत में तैयार हो रही टमाटर की फसल नष्ट मिलने से किसान को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाने की आशंका है। करीब 10 कट्ठा जमीन में लगी टमाटर की फसल बर्बाद होने के बाद पीड़ित किसान ने इस घटना के पीछे साजिश की आशंका जताई है। किसान का आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने जानबूझकर उनकी फसल को नुकसान पहुंचाया है। मामले में उन्होंने डुमरांव थाने में आवेदन देकर जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।मिली जानकारी के अनुसार, नंदन गांव निवासी 36 वर्षीय किसान अंजनी कुमार पांडेय ने अपने खेत में टमाटर की खेती की थी। फसल तैयार करने के लिए उन्होंने बीज, खाद और अन्य कृषि कार्यों पर पूंजी लगाने के साथ महीनों मेहनत की थी। फसल से अच्छी आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन नुकसान की घटना ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जिस खेत में बेहतर उपज की आस में किसान दिन-रात मेहनत कर रहा था, वहां फसल बर्बाद मिलने से परिवार के सामने आर्थिक चिंता खड़ी हो गई है।

__ सुबह खेत पहुंचे तो बर्बाद मिली फसल

किसान की ओर से पुलिस को दिए गए आवेदन के मुताबिक, 12 अक्टूबर की सुबह करीब पांच बजे वह अपने खेत का निरीक्षण करने पहुंचे थे। वहां टमाटर की फसल को नष्ट देखकर उनके होश उड़ गए। किसान ने आशंका जताई है कि किसी ने जानबूझकर उनकी फसल को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, फसल किसने और किस वजह से नष्ट की, इसकी वास्तविक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

__ मेहनत और पूंजी पर चोट, जांच से खुलेगा राज

खेती में लागत लगाने के बाद फसल से होने वाली आमदनी ही किसान की सबसे बड़ी उम्मीद होती है। ऐसे में तैयार होती टमाटर की फसल का बर्बाद होना अंजनी कुमार पांडेय के लिए दोहरी मार साबित हो रहा है। एक तरफ खेती में लगी पूंजी डूबने की आशंका है, तो दूसरी तरफ परिवार की आर्थिक योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है।पीड़ित किसान ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्ति की पहचान करने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि फसल किन परिस्थितियों में नष्ट हुई और इसके पीछे किसी की जानबूझकर की गई हरकत है या कोई अन्य वजह। फिलहाल, घटना में किसी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।