सड़क निर्माण की जांच में खुली खामियां, गुणवत्ता सुधारने की हिदायत
डुमरांव शहर को शक्ति द्वार, जंगलीनाथ शिव मंदिर मार्ग के रास्ते एनएच-922 से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण को लेकर उठे सवालों के बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू हो गई है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और कथित अनियमितताओं को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अजय राय द्वारा डुमरांव एसडीएम राजीव कुमार को दिए गए ज्ञापन के बाद ग्रामीण कार्य विकास विभाग हरकत में आया।


__ सड़क निर्माण की जांच में खुली खामियां, गुणवत्ता पर अभियंता ने कसी नकेल
एस्टीमेट सार्वजनिक करने की मांग, स्थानीय लोगों ने टिकाऊ निर्माण को लेकर उठाई आवाज
केटी न्यूज/डुमरांव।
डुमरांव शहर को शक्ति द्वार, जंगलीनाथ शिव मंदिर मार्ग के रास्ते एनएच-922 से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण को लेकर उठे सवालों के बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू हो गई है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और कथित अनियमितताओं को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अजय राय द्वारा डुमरांव एसडीएम राजीव कुमार को दिए गए ज्ञापन के बाद ग्रामीण कार्य विकास विभाग हरकत में आया। विभाग के सहायक अभियंता श्रीकांत कुमार ने रविवार को निर्माणाधीन सड़क का स्थल निरीक्षण कर कार्य की गुणवत्ता की जांच की।जांच के दौरान निर्माण कार्य में कुछ खामियां सामने आने की बात कही गई। इसके बाद सहायक अभियंता ने मौके पर मौजूद संबंधित कर्मियों को आवश्यक सुधार कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट तौर पर निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। विभागीय अधिकारी के निरीक्षण के बाद अब निर्माण एजेंसी के कामकाज पर भी स्थानीय लोगों की नजर टिक गई है।

__ सड़क की गुणवत्ता पर उठे सवाल तो मौके पर पहुंचा विभाग
बताया जाता है कि निर्माणाधीन सड़क क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यह मार्ग शहर के महत्वपूर्ण हिस्सों को एनएच-922 से जोड़ने के साथ आसपास के गांवों के लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन भी है। ऐसे में सड़क निर्माण में किसी भी स्तर पर लापरवाही होने से भविष्य में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी को लेकर स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग उठाई गई थी।निरीक्षण के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अजय राय सहित आसपास के कई स्थानीय लोग मौजूद रहे। लोगों ने कार्यपालक अभियंता के समक्ष सड़क निर्माण में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करने की मांग रखी। लोगों का कहना था कि सड़क पर खर्च होने वाली सरकारी राशि का सदुपयोग तभी माना जाएगा, जब निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप हो और सड़क लंबे समय तक टिकाऊ रहे।

__ एस्टीमेट सार्वजनिक करने की मांग से बढ़ी पारदर्शिता की चर्चा
निरीक्षण के दौरान अजय राय ने सड़क निर्माण का एस्टीमेट सार्वजनिक करने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि सड़क की कुल लागत, निर्माण की लंबाई, निर्धारित मानक, प्रयुक्त होने वाली सामग्री और कार्य की समयसीमा जैसी जानकारी सार्वजनिक होने से आम लोगों को भी योजना की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। इससे निर्माण कार्य में पारदर्शिता बनी रहेगी और स्थानीय लोग भी काम की गुणवत्ता की निगरानी कर सकेंगे।स्थानीय लोगों ने विभागीय अधिकारियों से मांग की कि निरीक्षण में सामने आई खामियों को केवल निर्देश तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनका मौके पर सुधार सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही निर्माण पूरा होने तक समय-समय पर विभागीय जांच भी हो, ताकि सड़क बनने के बाद उसकी गुणवत्ता को लेकर फिर सवाल खड़े न हों।

