मोटर फुंकने से थमी जलापूर्ति, 150 परिवारों पर पेयजल संकट की मार
नगर परिषद क्षेत्र के पुराना भोजपुर, वार्ड संख्या-3 स्थित गोरिया बाबा स्थान के समीप संचालित जल-नल योजना बदहाल व्यवस्था की भेंट चढ़ गई है। समरसेबल मोटर जल जाने से पिछले कई दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे करीब 150 परिवार भीषण पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं।

__ पीएचईडी से नगर परिषद को जिम्मेदारी मिलते ही चरमराई व्यवस्था, शिकायत के 48 घंटे बाद भी नहीं पहुंची मरम्मत टीम, लोगों में बढ़ा आक्रोश
केटी न्यूज/डुमरांव
नगर परिषद क्षेत्र के पुराना भोजपुर, वार्ड संख्या-3 स्थित गोरिया बाबा स्थान के समीप संचालित जल-नल योजना बदहाल व्यवस्था की भेंट चढ़ गई है। समरसेबल मोटर जल जाने से पिछले कई दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे करीब 150 परिवार भीषण पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। बीते 48 घंटे से हालात और गंभीर हो गए हैं, लेकिन नगर परिषद की ओर से अब तक मोटर की मरम्मत या जलापूर्ति बहाल करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ रही है।ग्रामीणों का कहना है कि कुछ माह पहले तक इस योजना का संचालन और रखरखाव पीएचईडी विभाग के जिम्मे था। उस दौरान जलापूर्ति नियमित रूप से होती थी और तकनीकी खराबी आने पर तत्काल मरम्मत कर दी जाती थी।

लेकिन हाल ही में योजना का जिम्मा नगर परिषद को सौंपे जाने के बाद व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। लोगों का आरोप है कि रखरखाव और निगरानी के अभाव में अब छोटी-छोटी तकनीकी समस्याएं भी लंबे समय तक बनी रहती हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार शनिवार की सुबह नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे को मोटर खराब होने की सूचना देकर शीघ्र मरम्मत की मांग की गई थी। अधिकारियों ने मिस्त्री भेजकर समस्या दूर कराने का आश्वासन भी दिया, लेकिन दो दिन बीत जाने के बावजूद न तो कोई तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और न ही मोटर की मरम्मत शुरू हो सकी। इससे लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।पुराना भोजपुर के शालिक साह इस पंप के संचालक हैं। ग्रामीण पप्पू साह, आनंद बिहारी पाठक, रामचंद्र साह, अनंत मिश्रा, मंटू चौधरी सहित कई लोगों ने बताया कि यह जल-नल योजना ही उनके घरों में पेयजल का एकमात्र स्रोत है।

मोटर खराब होने के बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर से निजी खर्च पर मिस्त्री बुलाकर मरम्मत कराने का प्रयास किया, लेकिन तकनीकी खराबी गंभीर होने के कारण समस्या दूर नहीं हो सकी।ग्रामीणों का आरोप है कि यदि नगर परिषद समय पर मोटर का रखरखाव और आवश्यक मरम्मत कराती, तो इतनी बड़ी परेशानी उत्पन्न नहीं होती। उनका कहना है कि अब तक न तो मोटर को खोलकर जांच की गई है और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने स्थल का निरीक्षण किया है। लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से अविलंब नई मोटर लगाने अथवा खराब मोटर की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि भीषण पेयजल संकट से राहत मिल सके।

बयान :
"पंप खराब होने की सूचना मिली है। मिस्त्री भेजकर इसे जल्द ही दुरुस्त कराया जाएगा।"
— राहुल धर दुबे, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, डुमरांव
