मनरेगा से अलग होगी जी-रामजी योजना, गुणवत्ता और पारदर्शिता पर रहेगा विशेष जोर

ग्रामीण विकास की नई पहल के रूप में शुरू होने जा रही जी-रामजी (ग्रामीण विकास एवं आजीविका उन्मुख) योजना को लेकर मंगलवार को चौसा प्रखंड मुख्यालय में पंचायत प्रतिनिधियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में मनरेगा कार्यालय के सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण में योजना के उद्देश्य, कार्यप्रणाली और क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गई।

मनरेगा से अलग होगी जी-रामजी योजना, गुणवत्ता और पारदर्शिता पर रहेगा विशेष जोर

__ चौसा में पंचायत प्रतिनिधियों को दिया गया प्रशिक्षण, एआई आधारित निगरानी से योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की तैयारी

केटी न्यूज/चौसा

ग्रामीण विकास की नई पहल के रूप में शुरू होने जा रही जी-रामजी (ग्रामीण विकास एवं आजीविका उन्मुख) योजना को लेकर मंगलवार को चौसा प्रखंड मुख्यालय में पंचायत प्रतिनिधियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में मनरेगा कार्यालय के सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण में योजना के उद्देश्य, कार्यप्रणाली और क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गई।प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जी-रामजी योजना कई मायनों में मनरेगा से अलग होगी। इसमें कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय पर योजनाओं को पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी परिसंपत्तियों का निर्माण करने की तैयारी है, जो लंबे समय तक उपयोगी साबित हों और ग्रामीण विकास को नई दिशा दे सकें।

प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी अरुण कुमार ने पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि जी-रामजी योजना में योजना चयन से लेकर कार्य पूर्ण होने तक पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि योजनाओं की निगरानी तकनीकी मानकों के आधार पर की जाएगी, जिससे काम की गुणवत्ता बनी रहेगी। इसके लिए आधुनिक तकनीक और एआई आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था का भी उपयोग किया जाएगा।उन्होंने बताया कि योजना के सफल संचालन में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका अहम होगी। ग्रामीणों की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों का चयन, समय पर कार्य पूरा कराना, अभिलेखों का सही तरीके से संधारण और जनभागीदारी सुनिश्चित करना योजना की सफलता के प्रमुख आधार होंगे।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिनिधियों को कार्य चयन प्रक्रिया, क्रियान्वयन की व्यवस्था, भुगतान प्रणाली और अन्य प्रशासनिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि योजना का उद्देश्य सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास और आजीविका के बेहतर अवसर तैयार करना है।कार्यक्रम में मौजूद पंचायत जनप्रतिनिधियों ने योजना से जुड़े कई सवाल पूछे। अधिकारियों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए योजना के विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट किया। प्रशिक्षण के बाद प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि जी-रामजी योजना के लागू होने से ग्रामीण विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी।