चुप न रहें, डरें नहीं, हिंसा के खिलाफ आवाज उठाएं : मिशन शक्ति
चाणक्य महाविद्यालय, सरेजा में मिशन शक्ति योजना के अंतर्गत संचालित वन स्टॉप सेंटर एवं जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ विमेन की ओर से छात्राओं के लिए महिला सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकारों तथा सरकार की ओर से उपलब्ध सहायता और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी देकर उन्हें जागरूक एवं सशक्त बनाना था।

__ वन स्टॉप सेंटर ने छात्राओं को महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और हेल्पलाइन सेवाओं की दी जानकारी; घरेलू हिंसा से साइबर अपराध तक बचाव के बताए उपाय
केटी न्यूज/बक्सर।
चाणक्य महाविद्यालय, सरेजा में मिशन शक्ति योजना के अंतर्गत संचालित वन स्टॉप सेंटर एवं जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ विमेन की ओर से छात्राओं के लिए महिला सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकारों तथा सरकार की ओर से उपलब्ध सहायता और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी देकर उन्हें जागरूक एवं सशक्त बनाना था।कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को सखी वन स्टॉप सेंटर, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस हेल्पलाइन 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ विमेन की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया।

वक्ताओं ने घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, साइबर अपराध, यौन शोषण, दुष्कर्म और एसिड अटैक जैसी घटनाओं से जुड़े मामलों में पीड़ितों को तत्काल सहायता लेने और उचित कदम उठाने के प्रति जागरूक किया।वक्ताओं ने बताया कि सखी वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को एक ही छत के नीचे पांच प्रकार की नि:शुल्क सहायता उपलब्ध कराता है। इनमें मेडिकल सहायता, पुलिस सहायता, कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अस्थायी आश्रय शामिल हैं। केंद्र 24 घंटे कार्यरत रहता है। सहायता लेने के लिए पीड़िता को पहले से एफआईआर दर्ज कराना जरूरी नहीं है। साथ ही पीड़िता की पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखने का प्रावधान है।

छात्राओं को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस हेल्पलाइन 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क किया जा सकता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं एवं शिक्षिकाओं ने भाग लिया। इस दौरान छात्राओं से अपील की गई कि वे किसी भी तरह की हिंसा या उत्पीड़न को लेकर चुप न रहें, डरें नहीं और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं के बीच जागरूकता संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए।

