गंगा सफाई मुहिम को राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान, चौसा के भरत पांडेय सम्मानित
बक्सर जिले के चौसा क्षेत्र में गंगा स्वच्छता को लेकर लगातार सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता भरत पांडेय के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। वाराणसी में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें “राष्ट्र प्रेरणा सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके द्वारा वर्षों से गंगा सफाई, पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
__ सात वर्षों से चला रहे जनजागरूकता अभियान, युवाओं को जोड़कर बदल रहे घाटों की तस्वीर
केटी न्यूज/बक्सर
बक्सर जिले के चौसा क्षेत्र में गंगा स्वच्छता को लेकर लगातार सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता भरत पांडेय के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। वाराणसी में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें “राष्ट्र प्रेरणा सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके द्वारा वर्षों से गंगा सफाई, पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर कार्यों के लिए प्रदान किया गया।यह सम्मान वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के महामना सभागार में आयोजित “खुशी की उड़ान” संस्था के छठे वार्षिक समारोह के दौरान दिया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे समाजसेवी, शिक्षाविद, बुद्धिजीवी और कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। समारोह में चौसा के भरत पांडेय का नाम घोषित होते ही उपस्थित लोगों ने तालियों से उनका स्वागत किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संस्था की संस्थापक सारिका दूबे तथा वाराणसी विकास प्राधिकरण के सदस्य अम्बरीश सिंह उर्फ भोला सिंह उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने संयुक्त रूप से भरत पांडेय को सम्मान पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों को आगे लाना समय की आवश्यकता है और भरत पांडेय जैसे लोग दूसरों के लिए प्रेरणा बनते हैं।भरत पांडेय पिछले करीब सात वर्षों से गंगा स्वच्छता अभियान से जुड़े हुए हैं। वे गंगा युवा समिति के संयोजक के रूप में लगातार चौसा और आसपास के घाटों पर सफाई अभियान चलाते रहे हैं। उनके नेतृत्व में समिति के सदस्य नियमित रूप से घाटों की सफाई करते हैं, लोगों को गंगा में कचरा नहीं फेंकने के लिए प्रेरित करते हैं और स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने का प्रयास करते हैं।

उनकी पहल का असर यह हुआ है कि क्षेत्र के कई युवा अब स्वयं आगे आकर सफाई अभियान में भाग लेने लगे हैं। स्थानीय लोगों में भी गंगा के प्रति जिम्मेदारी की भावना बढ़ी है। समय-समय पर पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण जैसे कार्यक्रम भी समिति की ओर से आयोजित किए जाते रहे हैं।सम्मान मिलने के बाद भरत पांडेय ने कहा कि यह पुरस्कार केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी साथियों का है जो वर्षों से गंगा सफाई अभियान में उनके साथ जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि मां गंगा की स्वच्छता हम सबकी जिम्मेदारी है और इस दिशा में उनका प्रयास आगे भी जारी रहेगा।चौसा सहित पूरे बक्सर जिले में भरत पांडेय को मिले इस सम्मान पर खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि उनके कार्यों से नई पीढ़ी को समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा मिलेगी।

