12 दिन तक भक्ति के रंग में रंगा बलिहार, ठाकुरबाड़ी में उमड़ा आस्था का सैलाब

सिमरी प्रखंड के बलिहार गांव की ऐतिहासिक ठाकुरबाड़ी इन दिनों कृष्ण भक्ति का प्रमुख केंद्र बनी रही। नवयुवक कृष्ण जन्माष्टमी मठिया पूजा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का मंगलवार को धार्मिक अनुष्ठानों और भव्य भंडारे के साथ समापन हुआ।

12 दिन तक भक्ति के रंग में रंगा बलिहार, ठाकुरबाड़ी में उमड़ा आस्था का सैलाब

__ अखंड कीर्तन से लेकर छप्पन भोग और भंडारे तक चला धार्मिक उत्सव, भक्ति गीतों पर देर रात तक झूमते रहे श्रद्धालु

केटी न्यूज/सिमरी।

सिमरी प्रखंड के बलिहार गांव की ऐतिहासिक ठाकुरबाड़ी इन दिनों कृष्ण भक्ति का प्रमुख केंद्र बनी रही। नवयुवक कृष्ण जन्माष्टमी मठिया पूजा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का मंगलवार को धार्मिक अनुष्ठानों और भव्य भंडारे के साथ समापन हुआ। 12 दिनों तक चले इस आयोजन ने पूरे गांव को भक्तिमय माहौल में बांधे रखा। सुबह से लेकर देर शाम तक ठाकुरबाड़ी परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और वातावरण भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंजता रहा।महोत्सव के अंतिम चरण में 14 सितंबर से शुरू हुए अखंड कीर्तन की मंगलवार को विधिवत पूर्णाहुति कराई गई। कीर्तन में प्रसिद्ध कलाकार मनोज सिंह, धनजी दुबे, संजीत सिंह, सोनू पांडेय और सोनू कुमार ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को खूब झुमाया।

भक्ति गीतों और संकीर्तन की स्वर लहरियों से ठाकुरबाड़ी परिसर देर तक गूंजता रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कीर्तन में शामिल होकर भक्ति रस में डूबे रहे।आयोजन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का विधि-विधान से महाभिषेक कराया गया। इसके बाद भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया। पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। अखंड कीर्तन की पूर्णाहुति के उपरांत आयोजित विशाल भंडारे में साधु-संतों के अलावा बलिहार और आसपास के गांवों से पहुंचे बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।महोत्सव के दौरान आयोजित सांस्कृतिक संध्या भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। भोजपुरी गायक मुकुल सिंह और आशीष राय ने भक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। उनकी प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु देर तक झूमते और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाते रहे।

__ युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने बढ़ाई आयोजन की भव्यता

महोत्सव को सफल बनाने में पूजा समिति से जुड़े युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन की तैयारियों से लेकर श्रद्धालुओं की व्यवस्था और भंडारे के संचालन तक नवयुवक लगातार सक्रिय रहे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। 12 दिनों तक चले इस धार्मिक उत्सव ने न सिर्फ गांव के लोगों को एकजुट किया, बल्कि बलिहार की कृष्ण भक्ति और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा की जीवंत तस्वीर भी पेश की।