सरकारी नाले पर कब्जे ने डुबोया रघुनाथपुर, अस्पताल से लेकर खेत तक जलमग्न
लगातार हो रही बारिश ने रघुनाथपुर पंचायत में वर्षों से उपेक्षित जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। सरकारी नाले पर अतिक्रमण और लंबे समय से उसकी सफाई नहीं होने के कारण पूरे क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। हालात ऐसे हैं कि रघुनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का परिसर पानी से घिर गया है, जबकि गांव के कई वार्डों की सड़कें और गलियां जलमग्न हैं।


__ जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त होने से सीएचसी परिसर, सड़कें और कृषि क्षेत्र पानी में डूबे; अतिक्रमण हटाने व नाले की उड़ाही की उठी मांग
केटी न्यूज/ब्रह्मपुर
लगातार हो रही बारिश ने रघुनाथपुर पंचायत में वर्षों से उपेक्षित जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। सरकारी नाले पर अतिक्रमण और लंबे समय से उसकी सफाई नहीं होने के कारण पूरे क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। हालात ऐसे हैं कि रघुनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का परिसर पानी से घिर गया है, जबकि गांव के कई वार्डों की सड़कें और गलियां जलमग्न हैं। इससे मरीजों, ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि केनरा बैंक, रघुनाथपुर बाजार से होकर गुजरने वाला सरकारी नाला पूरे इलाके के वर्षा जल की निकासी का प्रमुख माध्यम है। यही नाला आगे छेरा नदी में मिलकर बाजार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, विभिन्न मोहल्लों और आसपास के कृषि क्षेत्रों से पानी की निकासी सुनिश्चित करता है।

लेकिन वर्षों से नाले की उड़ाही नहीं होने और विभिन्न स्थानों पर अतिक्रमण कर मिट्टी भर दिए जाने से इसका जल प्रवाह लगभग ठप हो गया है।जलनिकासी बाधित होने का असर खेती पर भी साफ दिखाई दे रहा है। खेतों में बारिश का पानी जमा होने से धान की रोपनी समेत अन्य कृषि कार्य प्रभावित हो गए हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो फसल को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं, गंदा पानी लंबे समय तक जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी गहरा गई है।ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या की जानकारी कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही नाले की समुचित सफाई कराई गई।

इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।सामाजिक कार्यकर्ता शैलेश ओझा, बबलू यादव, विशाल सिंह, बिट्टू यादव, लाला यादव, सविता देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से सरकारी नाले का तत्काल स्थल निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने, नाले की व्यापक सफाई और उड़ाही कराने, जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का तकनीकी सर्वेक्षण कराने तथा जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को विवश होंगे।

