हजरत अल्लाह शहीद बाबा के उर्स में उमड़ी अकीदतमंदों की भीड़, अमन और खुशहाली की मांगी दुआ
चौसा स्टेशन के पूर्वी केबिन के समीप स्थित हजरत अल्लाह शहीद बाबा की दरगाह पर मंगलवार को सालाना उर्स पूरे धार्मिक उत्साह और अकीदत के साथ मनाया गया। सुबह से ही दरगाह पर जायरीन पहुंचने लगे और देर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

__ चौसा स्टेशन के समीप स्थित दरगाह पर चादरपोशी व फातेहा, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम
केटी न्यूज/बक्सर
चौसा स्टेशन के पूर्वी केबिन के समीप स्थित हजरत अल्लाह शहीद बाबा की दरगाह पर मंगलवार को सालाना उर्स पूरे धार्मिक उत्साह और अकीदत के साथ मनाया गया। सुबह से ही दरगाह पर जायरीन पहुंचने लगे और देर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। बक्सर जिले के विभिन्न प्रखंडों के अलावा उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में अकीदतमंद दरगाह पहुंचे और बाबा की मजार पर चादरपोशी कर परिवार की सुख-समृद्धि, क्षेत्र में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ मांगी।उर्स की शुरुआत कुरानखानी और फातेहा के साथ हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मजार पर चादर और फूल पेश कर अपनी मन्नतें मांगीं। पूरे दिन दरगाह परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा और जायरीनों की भीड़ लगी रही।

इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य डॉ. मनोज यादव ने भी दरगाह पहुंचकर चादरपोशी की। उन्होंने क्षेत्र में शांति, सौहार्द और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि सभी धर्मों के आस्था केंद्र सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश देते हैं। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत की ओर से दरगाह परिसर में बिजली और पेयजल की स्थायी व्यवस्था कराई जा चुकी है तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जल्द ही पहुंच पथ का निर्माण भी कराया जाएगा।उर्स के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। दरगाह तक पहुंचने का रास्ता रेलवे ट्रैक के किनारे से होकर गुजरने के कारण रेल पुलिस की तैनाती की गई थी।

दरगाह प्रबंधन द्वारा पहले ही रेल प्रशासन को उर्स की सूचना दे दी गई थी। इसके बाद इस मार्ग से गुजरने वाली ट्रेनों को कॉशन पर धीमी गति से चलाया गया। ट्रेन के आने के दौरान पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को ट्रैक से सुरक्षित हटाकर आवागमन सुनिश्चित करते रहे।दरगाह के संचालक कयूम खान और बाबूलाल खान ने बताया कि हजरत अल्लाह शहीद बाबा का सालाना उर्स वर्षों से आस्था और परंपरा के साथ मनाया जाता है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर फातेहा पढ़ते हैं और अपनी मुरादें पूरी होने की दुआ मांगते हैं। उन्होंने उर्स को सफल बनाने में प्रशासन, रेल पुलिस और स्थानीय लोगों के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।

