छात्राओं की शिकायत पर प्रधानाध्यापिका पर गिरी गाज, निलंबन के साथ विभागीय कार्रवाई शुरू
सरकारी स्कूल में छात्राओं के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की शिकायत आखिरकार शिक्षा विभाग की कार्रवाई तक पहुंच गई। बक्सर शहर के आचार्य नरेंद्र देव मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अंजु कुमारी को निलंबित कर दिया गया है। छात्राओं की शिकायत पर कराई गई जांच में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के साथ विद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रबंधन व्यवस्था में भी कई गंभीर कमियां सामने आई हैं।

__ लोहे के स्केल और चप्पल से पिटाई का आरोप, जांच में शैक्षणिक व्यवस्था की भी खुली पोल; डीडीसी कार्यालय पहुंची थीं छात्राएं
केटी न्यूज/ब्रह्मपुर।
सरकारी स्कूल में छात्राओं के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की शिकायत आखिरकार शिक्षा विभाग की कार्रवाई तक पहुंच गई। बक्सर शहर के आचार्य नरेंद्र देव मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अंजु कुमारी को निलंबित कर दिया गया है। छात्राओं की शिकायत पर कराई गई जांच में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के साथ विद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रबंधन व्यवस्था में भी कई गंभीर कमियां सामने आई हैं। विभाग ने निलंबन के साथ प्रधानाध्यापिका के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है।मामला उस समय सामने आया, जब विद्यालय की कुछ छात्राएं 28 जुलाई को अपनी शिकायत लेकर सीधे उप विकास आयुक्त (डीडीसी) के कार्यालय पहुंच गई थीं। छात्राओं ने प्रधानाध्यापिका और शिक्षिकाओं पर मारपीट तथा दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने 3 सितंबर को निलंबन आदेश जारी किया।जांच के दौरान छात्राओं ने आरोप लगाया कि विद्यालय में शिक्षिकाओं द्वारा उनके साथ मारपीट की जाती है। प्रधानाध्यापिका पर लोहे के स्केल और चप्पल से छात्राओं की पिटाई करने का आरोप भी लगाया गया। जांच में विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था भी अपेक्षित स्तर की नहीं मिली। छात्र-छात्राओं की उपस्थिति संतोषजनक नहीं थी, शिक्षकों का पाठ-टीका अद्यतन नहीं पाया गया और कुछ शिक्षक निर्धारित ड्रेस कोड में भी नहीं मिले।

रिपोर्ट में शिक्षक-शिक्षिकाओं और बच्चों के बीच बेहतर समन्वय के अभाव तथा विद्यालय प्रबंधन में लापरवाही का भी उल्लेख किया गया है। बच्चों के बीच आपसी विवाद की शिकायतों के बावजूद स्कूल में सौहार्दपूर्ण और प्रभावी शैक्षणिक वातावरण बनाने में शिक्षक सफल नहीं रहे।विभाग ने प्रधानाध्यापिका से 14 अगस्त को स्पष्टीकरण मांगा था। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने के बाद उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई। इसके बाद बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत उन्हें निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के अधीन कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, चौसा निर्धारित किया गया है।

__स्कूलों में बढ़ी निगरानी, कार्रवाई से मचा हड़कंप
बक्सर जिले में हाल के दिनों में सरकारी स्कूलों से जुड़ी शिकायतों पर शिक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार तेज हुई है। नथुनी अहीर के डेरा और गरहथा कला मध्य विद्यालय से जुड़े मामलों में कार्रवाई के बाद अब आचार्य नरेंद्र देव मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापिका के निलंबन से विभाग ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार और विद्यालयी लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

