3 बजे से पहले ही दफ्तरों से गायब मिले मनरेगा कर्मी, ग्रामीणों में नाराजगी

प्रखंड मुख्यालय स्थित मनरेगा भवन में शनिवार को कार्य समय के दौरान ही कर्मियों के अनुपस्थित रहने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद जब मीडिया कर्मी शनिवार की दोपहर करीब 3 बजे मनरेगा भवन पहुंचे तो वहां अधिकांश कर्मचारी अपने कार्यालय से नदारद मिले।ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा कार्यालय में कार्यरत ऑपरेटर कई दिनों से नियमित रूप से कार्यालय नहीं आ रहे हैं, जिसके कारण जॉब कार्ड, मजदूरी भुगतान, ऑनलाइन प्रविष्टि सहित कई आवश्यक कार्य बाधित हो रहे हैं।

3 बजे से पहले ही दफ्तरों से गायब मिले मनरेगा कर्मी, ग्रामीणों में नाराजगी

केटी न्यूज/केसठ। 

प्रखंड मुख्यालय स्थित मनरेगा भवन में शनिवार को कार्य समय के दौरान ही कर्मियों के अनुपस्थित रहने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद जब मीडिया कर्मी शनिवार की दोपहर करीब 3 बजे मनरेगा भवन पहुंचे तो वहां अधिकांश कर्मचारी अपने कार्यालय से नदारद मिले।ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा कार्यालय में कार्यरत ऑपरेटर कई दिनों से नियमित रूप से कार्यालय नहीं आ रहे हैं, जिसके कारण जॉब कार्ड, मजदूरी भुगतान, ऑनलाइन प्रविष्टि सहित कई आवश्यक कार्य बाधित हो रहे हैं। इससे मनरेगा से जुड़े मजदूरों और ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

।शनिवार को स्थिति का जायजा लेने पहुंचे पत्रकारों ने देखा कि मनरेगा भवन के ऑपरेटर कक्ष में केवल सफाईकर्मी नंदजी पासवान मौजूद थे, जबकि अन्य कर्मचारी वहां नहीं मिले। कार्यालय में कर्मचारियों की अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की इस तरह की लापरवाही से आम लोगों के कार्य समय पर नहीं हो पाते।इस संबंध में जब प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) गौरव कुमार से दूरभाष पर संपर्क कर जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि कार्यालय के ऑपरेटर फिलहाल छुट्टी पर हैं। उन्होंने कहा कि यहां लेखपाल को प्रभार दिया गया है, जो सप्ताह में मंगलवार और गुरुवार को कार्यालय आती हैं।

उन्होंने आगे बताया कि वे स्वयं भी यहां प्रभार पर है सामान्य रूप से मंगलवार एवं गुरुवार को ही कार्यालय आते हैं। हालांकि जरूरत पड़ने पर कभी भी कार्यालय आ जाते हैं।इधर ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा कार्यालय में नियमित रूप से कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि मजदूरों और लाभुकों के कार्य समय पर पूरे हो सकें। लोगों ने संबंधित विभाग से इस मामले में संज्ञान लेकर व्यवस्था सुधारने की मांग की है।