अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में नगर परिषद पहुंची, गुमटी का छज्जा स्वयं हटाया

डुमरांव नगर परिषद की टीम शनिवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत शहर में पहुंची। इस दौरान जदयू प्रखंड अध्यक्ष गोपाल प्रसाद गुप्ता की पान की गुमटी के निकले हुए छज्जे को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। नगर परिषद की सिटी मैनेजर स्तुति सिन्हा जेसीबी और कर्मियों के साथ मौके पर पहुंची थीं।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में नगर परिषद पहुंची, गुमटी का छज्जा स्वयं हटाया

केटी न्यूज, डुमरांव।

डुमरांव नगर परिषद की टीम शनिवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत शहर में पहुंची। इस दौरान जदयू प्रखंड अध्यक्ष गोपाल प्रसाद गुप्ता की पान की गुमटी के निकले हुए छज्जे को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। नगर परिषद की सिटी मैनेजर स्तुति सिन्हा जेसीबी और कर्मियों के साथ मौके पर पहुंची थीं।मौके पर पहुंचकर जब कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी, तब गोपाल प्रसाद गुप्ता ने नगर परिषद की सिटी मैनेजर से बातचीत कर कहा कि वह स्वयं गुमटी के निकले हिस्से को हटा देंगे। इसके बाद उन्होंने स्वयं ही छज्जा हटाने का काम शुरू कर दिया।

बातचीत के बाद नगर परिषद की टीम जेसीबी और कर्मियों के साथ वहां से वापस लौट गई।इस संबंध में सिटी मैनेजर ने बताया कि उन्हें उच्च स्तर से मिले निर्देश के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए भेजा गया था। उन्होंने कहा कि जमीन की मापी कराकर अतिक्रमित हिस्से को चिन्हित किया गया था, जिसके अनुसार कार्रवाई की जा रही थी।इधर, इस कार्रवाई की जानकारी मिलने पर कुछ स्थानीय लोग और जदयू कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि शहर के कई स्थानों पर फुटपाथ, नाली और सड़कों पर अतिक्रमण है, इसलिए कार्रवाई सभी जगह समान रूप से होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि नगर परिषद पूरे शहर में अतिक्रमण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करे।

नगर परिषद की टीम ने स्पष्ट किया कि शहर में चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि सड़क, नाली और सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा सके।वही नगर परिषद की इस कार्रवाई तथा कार्यकर्ताओं की नाराजगी के साथ ही इशारे_इशारे में ही इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार का नाम लिया जा रहा था। जाहिर है इस घटना के बाद सत्तारूढ़ जदयू दो खेमे में बंटती नजर आ रही है, वहीं इसका लंबा सियासी असर पड़ने की बात भी राजनीतिक प्रेक्षकों द्वारा कही जा रही है।गौरतलब हो कि जिलाध्यक्ष के चुनाव से ही पार्टी में खेमेबाजी तेज हो गई है।