डिग्री कॉलेज की जमीन पर सियासत गरम, मुख्यालय के बजाय बेलहरी चयन पर उठे सवाल

प्रखंड स्तरीय डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर चौगाईं में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। कॉलेज के लिए प्रखंड मुख्यालय के बजाय नचाप पंचायत के बेलहरी गांव का प्रस्ताव भेजे जाने के विरोध में सोमवार को जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया।

डिग्री कॉलेज की जमीन पर सियासत गरम, मुख्यालय के बजाय बेलहरी चयन पर उठे सवाल

__ जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कहा—सभी पंचायतों की पहुंच के लिए प्रखंड मुख्यालय है सबसे उपयुक्त स्थान

केटी न्यूज/चौगाईं

प्रखंड स्तरीय डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर चौगाईं में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। कॉलेज के लिए प्रखंड मुख्यालय के बजाय नचाप पंचायत के बेलहरी गांव का प्रस्ताव भेजे जाने के विरोध में सोमवार को जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने फैसले को जनहित के विपरीत बताते हुए सरकार और संबंधित अधिकारियों से प्रस्ताव पर पुनर्विचार की मांग की।प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि प्रखंड मुख्यालय के समीप कोरानसराय-बगेन मुख्य मार्ग पर शिक्षा विभाग की लगभग चार एकड़ भूमि पहले से उपलब्ध है। इसके बावजूद कॉलेज के लिए प्रखंड के अंतिम छोर पर स्थित बेलहरी गांव का चयन कई सवाल खड़े करता है।

उनका कहना था कि उच्च शिक्षा संस्थान का निर्माण ऐसे स्थान पर होना चाहिए, जहां से प्रखंड की सभी पंचायतों के विद्यार्थियों को समान रूप से आवागमन की सुविधा मिल सके।विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मुखिया इंदल सिंह और राजद प्रखंड अध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने कहा कि डिग्री कॉलेज जैसी महत्वपूर्ण शैक्षणिक परियोजना का उद्देश्य अधिकतम छात्रों को लाभ पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध होने के बावजूद कॉलेज को दूरस्थ क्षेत्र में स्थापित करने की पहल समझ से परे है। दोनों नेताओं ने यह भी आशंका जताई कि निर्णय के पीछे निजी हितों की भूमिका हो सकती है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रखंड मुख्यालय में कॉलेज बनने से न केवल छात्रों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी, बल्कि आसपास के बाजार, प्रशासनिक कार्यालय और अन्य जरूरी संसाधनों का लाभ भी मिलेगा।

इसके विपरीत दूरस्थ क्षेत्र में कॉलेज स्थापित होने से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को आवागमन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रस्तावित स्थल को लेकर पुनर्विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से आम लोगों की राय को प्राथमिकता देने की मांग की।प्रदर्शन में रामेश्वर सिंह, मुखिया असगर अली समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय प्रतिनिधि बेलहरी में डिग्री कॉलेज स्थापित करने के प्रस्ताव का विरोध जता चुके हैं। ऐसे में कॉलेज के स्थान चयन का मुद्दा अब केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और जनसुविधा से जुड़ा बड़ा विषय बनता जा रहा है।