मरम्मत के बीच खतरानक स्पॉट की अनदेखी से ‘मौत का गड्ढा’ बना स्टेशन रोड

डुमरांव शहर के बहुप्रतीक्षित स्टेशन रोड मरम्मत कार्य की शुरुआत तो हो गई है, लेकिन इसके साथ ही लापरवाही की तस्वीर भी साफ नजर आने लगी है। एक ओर जहां महरौरा मोड़ के पास मरम्मत कार्य जारी है, वहीं दूसरी ओर सुमित्रा कॉलेज मोड़ के समीप सड़क की भयावह स्थिति को नजरअंदाज किया जा रहा है। यह स्थान अब ‘हादसों का हॉटस्पॉट’ बनता जा रहा है, जहां किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

मरम्मत के बीच खतरानक स्पॉट की अनदेखी से ‘मौत का गड्ढा’ बना स्टेशन रोड

-- सुमित्रा कॉलेज मोड़ पर बड़ा हादसा कभी भी संभव, आरसीसी सड़क के नीचे जलजमाव से खोखली हो चुकी जमीन, भारी वाहनों की आवाजाही से बढ़ता जा रहा है खतरा

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव शहर के बहुप्रतीक्षित स्टेशन रोड मरम्मत कार्य की शुरुआत तो हो गई है, लेकिन इसके साथ ही लापरवाही की तस्वीर भी साफ नजर आने लगी है। एक ओर जहां महरौरा मोड़ के पास मरम्मत कार्य जारी है, वहीं दूसरी ओर सुमित्रा कॉलेज मोड़ के समीप सड़क की भयावह स्थिति को नजरअंदाज किया जा रहा है। यह स्थान अब ‘हादसों का हॉटस्पॉट’ बनता जा रहा है, जहां किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।मिली जानकारी के अनुसार, सुमित्रा कॉलेज मोड़ के पास पुरानी आरसीसी सड़क पूरी तरह टूट चुकी है। कंक्रीट कई हिस्सों में बिखर गया है और सड़क के नीचे का आधार कमजोर होकर दलदली रूप ले चुका है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि नालियों का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़क के नीचे जमा हो गया है, जिससे सतह अंदर ही अंदर खोखली होती जा रही है।जब भी इस रास्ते से कोई वाहन गुजरता है, खासकर भारी ट्रक, तो टूटे हुए कंक्रीट के नीचे से गंदा पानी बाहर निकलकर सड़क पर फैल जाता है। इससे न केवल सड़क और कमजोर हो रही है, बल्कि वाहन चालकों के लिए भी यह बेहद जोखिम भरा हो गया है। रात के समय स्थिति और भयावह हो जाती है, जब बालू लदे सैकड़ों ट्रक इसी मार्ग से गुजरते हैं। लगातार दबाव और जलजमाव के कारण सड़क की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि पिछले कई महीनों से बनी हुई है। इसके बावजूद मरम्मत कार्य कर रही एजेंसी इस खतरनाक स्पॉट की अनदेखी कर रही है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते इस हिस्से की मरम्मत नहीं की गई, तो यहां बड़ा हादसा हो सकता है, जिसमें जान-माल का नुकसान भी संभव है।स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस स्थान की तत्काल मरम्मत कराई जाए और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि जब तक नालियों के पानी की सही निकासी नहीं होगी, तब तक सड़क की मरम्मत भी टिकाऊ नहीं हो सकती।

गौरतलब है कि पहले नगर परिषद द्वारा स्टेशन रोड के किनारे नाली निर्माण की योजना बनाई गई थी, लेकिन एनएचएआई की स्वीकृति के अभाव में यह योजना अधर में लटक गई। अब जब जलजमाव की समस्या विकराल रूप ले चुकी है, तब इस मुद्दे पर त्वरित निर्णय लेने की आवश्यकता और भी बढ़ गई है।मरम्मत कार्य के बीच इस तरह की लापरवाही न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस चेतावनी को समय रहते गंभीरता से लेते हैं या किसी बड़े हादसे के बाद ही जागते हैं।