बायोमैट्रिक रिपोर्ट में लापरवाही पर सख्त डीएम, कई अंचल व प्रखंडों से मांगा स्पष्टीकरण

समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में प्रधान लिपिकों एवं नाजिरों की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा के दौरान लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया गया। बैठक की शुरुआत बायोमैट्रिक अटेंडेंस की समीक्षा से हुई, जिसमें कई अंचल और प्रखंड कार्यालयों द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने का मामला सामने आया।

बायोमैट्रिक रिपोर्ट में लापरवाही पर सख्त डीएम, कई अंचल व प्रखंडों से मांगा स्पष्टीकरण

__ बैठक में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही पर जोर, लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के निर्देश

केटी न्यूज/बक्सर:

समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में प्रधान लिपिकों एवं नाजिरों की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा के दौरान लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया गया। बैठक की शुरुआत बायोमैट्रिक अटेंडेंस की समीक्षा से हुई, जिसमें कई अंचल और प्रखंड कार्यालयों द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने का मामला सामने आया।जिलाधिकारी ने अंचल कार्यालय डुमरांव, सिमरी, नावानगर, चक्की, केसठ एवं चौगाई से रिपोर्ट नहीं मिलने पर संबंधित पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया। वहीं प्रखंड कार्यालय केसठ, बक्सर, सिमरी, डुमरांव, चक्की, इटाढ़ी एवं चौसा द्वारा भी रिपोर्ट नहीं देने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जवाब मांगा गया।

बैठक में उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित रहने पर जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग के लिपिक से भी स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया। डीएम ने सभी वरीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि अधीनस्थ कर्मियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित कराई जाए और इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए।जिलाधिकारी ने कार्यालयी कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए सभी प्रधान लिपिकों को पंजियों, फाइलों और अभिलेखों के बेहतर संधारण का निर्देश दिया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी पत्रों का निष्पादन निर्धारित समय सीमा के भीतर हो तथा लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर शीघ्र निपटारा किया जाए।

सीडब्ल्यूजेसी एवं एमजेसी मामलों की विस्तृत समीक्षा करते हुए डीएम ने संबंधित प्रतिवेदनों के त्वरित निष्पादन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। सेवांत लाभ से जुड़े मामलों पर भी गंभीरता दिखाते हुए कहा गया कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों की संचिकाएं समय पर अद्यतन हों और एक सप्ताह के भीतर लाभों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।इसके अलावा सभी अंचल कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरा अधिष्ठापन की स्थिति पर दो दिनों के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि रोकड़ पंजी का संधारण भी नियमानुसार किया जाए, ताकि वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे।