डुमरांव की बिजली व्यवस्था को मिलेगा ‘पावर बूस्ट’, 80 एमवीए ट्रांसफार्मर की चार्जिंग शुरू
डुमरांव अनुमंडल में लंबे समय से जारी बिजली आपूर्ति की समस्या के बीच अब राहत की उम्मीद जगी है। 132/33 केवी पावर ग्रिड में स्थापित नए 80 एमवीए ट्रांसफार्मर को चार्ज करने की प्रक्रिया रविवार से शुरू कर दी गई। विभागीय स्तर पर तकनीकी परीक्षण और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अगले 24 घंटे में इस पर लोड डालकर विद्युत आपूर्ति शुरू किए जाने की तैयारी है।

__ पुरानी यूनिट की खराबी के बाद एक माह से चल रही थी वैकल्पिक व्यवस्था, सफल परीक्षण के बाद 24 घंटे में नए ट्रांसफार्मर पर डाला जाएगा लोड
केटी न्यूज/डुमरांव।
डुमरांव अनुमंडल में लंबे समय से जारी बिजली आपूर्ति की समस्या के बीच अब राहत की उम्मीद जगी है। 132/33 केवी पावर ग्रिड में स्थापित नए 80 एमवीए ट्रांसफार्मर को चार्ज करने की प्रक्रिया रविवार से शुरू कर दी गई। विभागीय स्तर पर तकनीकी परीक्षण और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अगले 24 घंटे में इस पर लोड डालकर विद्युत आपूर्ति शुरू किए जाने की तैयारी है। नए ट्रांसफार्मर के चालू होते ही बिजली आपूर्ति की क्षमता बढ़ने के साथ ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग की समस्या में कमी आने की उम्मीद है।सहायक कार्यपालक अभियंता अभिषेक कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर की चार्जिंग शुरू कर दी गई है। चार्जिंग और तकनीकी जांच में सबकुछ सामान्य रहा तो निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस पर लोड डाल दिया जाएगा।

__ पुरानी यूनिट की खराबी बनी थी बड़ी चुनौती
दरअसल, करीब एक माह पहले ग्रिड में लगा 80 एमवीए का ट्रांसफार्मर तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गया था। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत वाली इस यूनिट को दुरुस्त नहीं किए जा सकने के बाद तकनीकी जांच और मरम्मत के लिए गुजरात भेजा गया। इसके स्थान पर नालंदा जिले के हरनौत से नई 80 एमवीए यूनिट डुमरांव लाई गई। बताया गया कि यह यूनिट हरनौत में स्थापित की जानी थी, लेकिन वहां नहीं लग सकी थी।

__ तीन स्रोतों से संभाली गई बिजली आपूर्ति
नई यूनिट लगाने के दौरान विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए आपूर्ति जारी रखी। वर्तमान में देवकुली ग्रिड से करीब 30 मेगावाट, बक्सर ग्रिड से 18 मेगावाट तथा पुराने 50 एमवीए ट्रांसफार्मर से जरूरत के अनुसार करीब 45 मेगावाट तक बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इसी व्यवस्था से 11 फीडरों को संचालित किया जा रहा है। हालांकि लोड असंतुलन और ट्रिपिंग के कारण उपभोक्ताओं को बीच-बीच में परेशानी उठानी पड़ी।

__ 26 हजार लीटर ऑयल की जांच के बाद चार्जिंग
नए ट्रांसफार्मर में करीब 26 हजार लीटर इंसुलेटिंग ऑयल भरा गया है। गुणवत्ता की जांच के लिए इसका सैंपल पटना भेजा गया था, जहां रिपोर्ट मानकों के अनुरूप मिलने के बाद चार्जिंग प्रक्रिया शुरू की गई। वहीं करीब 200 टन वजनी पुरानी यूनिट को हटाना भी बड़ी तकनीकी चुनौती रही। इसे सुरक्षित निकालने के लिए ऊपरी हिस्सों को अलग कर विशेष तकनीकी टीम की मदद से ट्रॉली पर लादा गया।विभाग के अनुसार पूरा काम सितंबर के अंत तक प्रस्तावित था, लेकिन तकनीकी टीम और अभियंताओं के समन्वित प्रयास से इसे करीब 10 दिन पहले पूरा कर लिया गया है। नए ट्रांसफार्मर के लोड पर आने के बाद डुमरांव अनुमंडल की बिजली व्यवस्था के अधिक स्थिर होने की उम्मीद है।

