बक्सर के रामलीला मैदान में फिर सजेगा आस्था का रंगमंच, 4 अक्टूबर से 20 दिन गूंजेगी राम-कृष्ण की लीला

बक्सर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा ऐतिहासिक विजयादशमी महोत्सव एक बार फिर श्रद्धा, आस्था और परंपरा के रंग में रंगने जा रहा है। नगर के ऐतिहासिक रामलीला मैदान (किला) में 4 अक्टूबर से 20 दिवसीय विजयादशमी महोत्सव-2026 का शुभारंभ होगा।

बक्सर के रामलीला मैदान में फिर सजेगा आस्था का रंगमंच, 4 अक्टूबर से 20 दिन गूंजेगी राम-कृष्ण की लीला

__ दिन में वृंदावन की कृष्ण लीला, रात में रामलीला का मंचन; 20 अक्टूबर को रावण वध और 22 को होगा भव्य भरत मिलाप

केटी न्यूज/बक्सर।

बक्सर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा ऐतिहासिक विजयादशमी महोत्सव एक बार फिर श्रद्धा, आस्था और परंपरा के रंग में रंगने जा रहा है। नगर के ऐतिहासिक रामलीला मैदान (किला) में 4 अक्टूबर से 20 दिवसीय विजयादशमी महोत्सव-2026 का शुभारंभ होगा। 23 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन में प्रतिदिन दिन के समय श्रीकृष्ण की लीलाओं का मंचन होगा, जबकि रात में भगवान श्रीराम की जीवनगाथा रामलीला के माध्यम से जीवंत होगी।श्री रामलीला समिति, बक्सर की ओर से आयोजित होने वाले इस महोत्सव का उद्घाटन 4 अक्टूबर को जिउतिया पर्व के अवसर पर श्री श्री 1008 स्वामी राजगोपालाचारी जी महाराज एवं महंथ श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के कर-कमलों द्वारा किया जाएगा।

समिति के सचिव बैकुण्ठनाथ शर्मा और संयुक्त सचिव हरिशंकर गुप्ता ने बताया कि आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।दिन में वृंदावन-मथुरा की प्रसिद्ध बाल कृष्ण रासलीला रामलीला मंडली द्वारा कृष्ण लीला प्रस्तुत की जाएगी। वहीं रात्रिकालीन रामलीला का मंचन स्वामी मोहन श्याम भारद्वाज के निर्देशन में होगा। धार्मिक प्रसंगों के साथ संवाद, अभिनय और मंचीय प्रस्तुति दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी।महोत्सव की शुरुआत 4 अक्टूबर को गणेश पूजन, शिव विवाह और नारद मोह से होगी। 5 अक्टूबर को मनु-शतरूपा तपस्या एवं रावण जन्म, 6 अक्टूबर को पृथ्वी पुकार, श्रीराम जन्म व नामकरण, 7 अक्टूबर को विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध तथा मारीच-सुबाहु वध का मंचन होगा।

8 अक्टूबर को अहिल्या उद्धार एवं नगर दर्शन और 9 अक्टूबर को सीता स्वयंवर व धनुष यज्ञ होगा। 10 अक्टूबर को लक्ष्मण-परशुराम संवाद के साथ श्रीराम विवाह का भव्य मंचन किया जाएगा।इसके बाद केवट प्रसंग, राम वनगमन, चित्रकूट वास, दशरथ मरण, भरत मिलाप, शबरी प्रसंग, सुग्रीव मित्रता, बाली वध, सीता की खोज, हनुमान का लंका प्रवेश, लंका दहन, विभीषण शरणागति, अंगद-रावण संवाद और राम-रावण युद्ध जैसे प्रसंग मंच पर जीवंत होंगे। 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन रावण वध महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा।

इसके बाद 22 अक्टूबर को जमुना चौक पर भरत मिलाप और 23 अक्टूबर को श्री चन्द्र मंदिर में भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ महोत्सव का समापन होगा।समिति के पदाधिकारियों के अनुसार बक्सर की यह रामलीला वर्ष 1941 से श्री रामलीला समिति के माध्यम से निरंतर आयोजित होती आ रही है। आजादी से पहले से चली आ रही यह परंपरा अब बक्सर की सांस्कृतिक विरासत बन चुकी है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से परिवार और बच्चों के साथ पहुंचकर इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की है।