भदार में आस्था और परंपरा का संगम, मां काली की वार्षिक पूजा में उमड़ा जनसैलाब

नावानगर प्रखंड के भदार गांव में बुधवार को आस्था, श्रद्धा और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। ग्राम देवी मां काली की वार्षिक पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। विद्वान पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार और मां काली के जयकारों से पूरा गांव भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।

भदार में आस्था और परंपरा का संगम, मां काली की वार्षिक पूजा में उमड़ा जनसैलाब

- कन्या पूजन, हवन और प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ धार्मिक अनुष्ठान, गांव की सुख-समृद्धि की मांगी गई कामना

केटी न्यूज/नावानगर

नावानगर प्रखंड के भदार गांव में बुधवार को आस्था, श्रद्धा और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। ग्राम देवी मां काली की वार्षिक पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। विद्वान पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार और मां काली के जयकारों से पूरा गांव भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। वार्षिक पूजा को लेकर सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। गांव के हर घर से महिलाएं नए परिधान में सज-संवरकर पूजा सामग्री और प्रसाद लेकर मंदिर पहुंचीं। वैदिक विधि-विधान से मां काली की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद हवन-यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें ग्रामीणों ने परिवार और गांव की सुख-शांति, समृद्धि तथा रक्षा की कामना की।

ग्रामीणों ने बताया कि भदार गांव में मां काली की वार्षिक पूजा पूर्वजों के समय से चली आ रही एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा है। सामान्यतः सावन मास की पूर्णिमा से पूर्व पड़ने वाले शुक्रवार या सोमवार को पूजा आयोजित की जाती है। इस वर्ष ऐसा संयोग नहीं बनने के कारण ग्रामीणों की सहमति से बुधवार को पूजा का आयोजन किया गया। पूजा के दौरान हर घर से बने पकवान और मिठाइयां ग्राम देवी को प्रसाद के रूप में अर्पित की गईं। आयोजन की विशेषता यह रही कि इसमें पूरे गांव की सहभागिता देखने को मिली। पूजा की व्यवस्था के लिए गठित समिति ने ग्रामीणों के सहयोग से सभी तैयारियां पूरी कीं।

पूजा संपन्न होने के बाद विधिवत कुआंरी कन्याओं का पूजन किया गया और उन्हें भोजन कराया गया। बाद में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया। ग्रामीणों का मानना है कि मां काली की कृपा से गांव की रक्षा और तरक्की होती है। धार्मिक आयोजन के समापन पर पूरे गांव की खुशहाली और मंगलमय भविष्य की कामना की गई।