चर्चित रवि रंजन पाठक हत्याकांड में कोर्ट ने अभियुक्तों को सुनाया आजीवन उम्रकैद का फैसला
करीब डेढ़ साल पहले हुए चर्चित रवि रंजन पाठक हत्याकांड में बुधवार को अदालत ने बड़ा और कड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा दी। जिला अपर सत्र न्यायाधीश-08 सुनील कुमार सिंह की अदालत ने हत्या के आरोपी मनु कानू उर्फ ओमप्रकाश को दोषी करार देते हुए उम्रकैद के साथ आर्थिक दंड भी लगाया। अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली, वहीं मामले की सुनवाई और अनुसंधान एक बार फिर चर्चा में आ गया।

-- बक्सर कोर्ट का सख्त फैसला, बाइक बरामद होने के बाद खुला था हत्या का राज, साक्ष्यों के आधार पर एडीजे-08 ने सुनाई सजा
केटी न्यूज/बक्सर
करीब डेढ़ साल पहले हुए चर्चित रवि रंजन पाठक हत्याकांड में बुधवार को अदालत ने बड़ा और कड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा दी। जिला अपर सत्र न्यायाधीश-08 सुनील कुमार सिंह की अदालत ने हत्या के आरोपी मनु कानू उर्फ ओमप्रकाश को दोषी करार देते हुए उम्रकैद के साथ आर्थिक दंड भी लगाया। अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली, वहीं मामले की सुनवाई और अनुसंधान एक बार फिर चर्चा में आ गया।अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

वहीं साक्ष्य छुपाने और शव को ठिकाने लगाने के आरोप में धारा 201 के तहत सात वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की भी सजा दी गई। अर्थदंड नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास का प्रावधान रखा गया है।अपर लोक अभियोजक ददन कुमार सिंह ने बताया कि घटना 11 जनवरी 2024 की है। गायघाट निवासी रवि रंजन पाठक अपने बकाया रुपये की मांग को लेकर कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के नोनियापुर गांव गए थे। इसके बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला तो उनके बड़े भाई भृगुनाथ पाठक ने ब्रह्मपुर थाना में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई।

मामले की जांच के दौरान पुलिस को 13 जनवरी 2024 को आरोपी के घर के पास से रवि रंजन की बाइक बरामद हुई। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी टूट गया और हत्या की बात स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर घर के समीप स्थित राहर के खेत से रवि रंजन पाठक का शव बरामद किया गया था। शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य और गवाह पेश किए। अदालत ने पुलिस अनुसंधान, बरामदगी, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और गवाहों की गवाही को महत्वपूर्ण मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। फैसले को लेकर न्यायालय परिसर में पूरे दिन चर्चा का माहौल बना रहा।

