छह शर्तों के साथ छह दिन बाद खुला डुमरांव का प्रजापति मिष्ठान्न भंडार

अरियांव गांव में फूड पॉइजनिंग की घटना के बाद सील की गई डुमरांव की प्रजापति मिष्ठान भंडार को छह दिनों बाद प्रशासन ने सशर्त राहत दी है। एसडीएम राजीव कुमार के निर्देश पर छह सूत्री शर्तों के अनुपालन के आधार पर मंगलवार को दुकान की सील खोल दी गई।

छह शर्तों के साथ छह दिन बाद खुला डुमरांव का प्रजापति मिष्ठान्न भंडार

__ लाइसेंस नवीनीकरण से लेकर स्वच्छता मानकों के पालन तक की दी गई हिदायत, खाद्य नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार

केटी न्यूज/डुमरांव।

अरियांव गांव में फूड पॉइजनिंग की घटना के बाद सील की गई डुमरांव की प्रजापति मिष्ठान भंडार को छह दिनों बाद प्रशासन ने सशर्त राहत दी है। एसडीएम राजीव कुमार के निर्देश पर छह सूत्री शर्तों के अनुपालन के आधार पर मंगलवार को दुकान की सील खोल दी गई। हालांकि, दुकान संचालक को मिली यह राहत फिलहाल अंतिम नहीं मानी जा रही है। खाद्य पदार्थों के लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही प्रशासन आगे की कार्रवाई तय करेगा। रिपोर्ट प्रतिकूल मिलने की स्थिति में प्रतिष्ठान पर दोबारा कार्रवाई की जा सकती है।मंगलवार को नगर परिषद के प्रधान सहायक दुर्गेश कुमार सिंह और डुमरांव थाना पुलिस की मौजूदगी में दुकान की सील खोली गई। इससे पहले खाद्य संरक्षा अधिकारी जयप्रकाश गौतम के नेतृत्व में टीम ने प्रतिष्ठान से आधा दर्जन से अधिक मिठाइयों के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे थे। प्रशासन की ओर से जांच रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

__ लाइसेंस और स्वच्छता पर विशेष जोर

प्रशासन की छह सूत्री शर्तों में एफएसएसएआई लाइसेंस का तत्काल नवीनीकरण कराने के साथ खाद्य सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करना प्रमुख है। इसके अलावा मिठाई निर्माण स्थल और बिक्री काउंटर की नियमित साफ-सफाई, गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री और तेल के इस्तेमाल, निरीक्षण में सहयोग तथा भविष्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी गई है।बताया जाता है कि प्रारंभिक जांच के दौरान प्रतिष्ठान के पास लाइसेंस था, लेकिन उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था। वहीं, किचन और बिक्री स्थल पर स्वच्छता की स्थिति को लेकर भी सवाल उठे थे।

इसके बाद प्रशासन ने दुकान को अस्थायी रूप से सील किया था।गौरतलब है कि अरियांव गांव में मिठाई खाने के बाद एक ही परिवार के नौ लोग बीमार पड़ गए थे। उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद सभी को अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन की सक्रियता बढ़ी है। अब सबकी नजर नमूनों की जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो प्रतिष्ठान के खिलाफ आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेगी।