131 फीट का टॉवर चोरी, जनरेटर बरामद, जांच तेज
डुमरांव में 131 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर के रहस्यमय ढंग से गायब होने का मामला अब सिर्फ चोरी की वारदात नहीं, बल्कि एक बड़े सवाल के रूप में सामने आ गया है। पिछले चार दिनों से यह घटना लगातार मीडिया की सुर्खियों में बनी हुई है और शहर से लेकर गांव तक लोगों की जुबान पर एक ही चर्चा है—आखिर दिन के उजाले में इतना विशाल टॉवर कैसे गायब हो गया और किसी को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी?

__ लोगों में चर्चा—इतना बड़ा ढांचा आखिर गायब कैसे हुआ?
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव में 131 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर के रहस्यमय ढंग से गायब होने का मामला अब सिर्फ चोरी की वारदात नहीं, बल्कि एक बड़े सवाल के रूप में सामने आ गया है। पिछले चार दिनों से यह घटना लगातार मीडिया की सुर्खियों में बनी हुई है और शहर से लेकर गांव तक लोगों की जुबान पर एक ही चर्चा है—आखिर दिन के उजाले में इतना विशाल टॉवर कैसे गायब हो गया और किसी को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी?जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर से बंद पड़े टॉवर को पुनः चालू करने की प्रक्रिया के दौरान जब कंपनी की टीम वार्ड संख्या 18 स्थित स्थल पर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गई। जहां कभी 131 फीट ऊंचा टॉवर खड़ा था, वहां सिर्फ खाली जमीन बची थी। जांच में यह भी सामने आया कि टॉवर के साथ लगा 15 केवीए का जनरेटर और अन्य महत्वपूर्ण उपकरण भी गायब हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सूत्रों के अनुसार चोरी के बाद जनरेटर को जिस स्थान पर छिपाकर रखा गया था, उसका सुराग पुलिस को मिल चुका है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही जनरेटर समेत अन्य उपकरणों की बरामदगी कर ली जाएगी। इस मामले में दो संदिग्धों की पहचान भी कर ली गई है। एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि दूसरे की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चोरी गए टॉवर तथा अन्य उपकरणों की बरामदगी के लिए दिन-रात एक कर प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि शनिवार की शाम जनरेटर को बरामद कर लिया गया है। जबकि अन्य उपकरणों की बरामदगी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और तकनीकी व मानवीय सूचना तंत्र का भी सहारा लिया जा रहा है।

हालांकि इस घटना ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि 131 फीट ऊंचे लोहे के टॉवर को काटकर हटाना कोई सामान्य काम नहीं है। इसके लिए भारी मजदूरी, वाहन और पर्याप्त समय की जरूरत पड़ती है। ऐसे में आसपास के लोगों को इसकी जानकारी कैसे नहीं हुई और पुलिस के सूचना तंत्र को भी भनक क्यों नहीं लगी, यह चर्चा का विषय बना हुआ है।एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने बताया कि मामले का अनुसंधान तेजी से चल रहा है। जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस को उम्मीद है कि चोरी गए उपकरणों की बरामदगी के साथ इस रहस्यमयी मामले की परतें भी जल्द खुल जाएंगी।

