जनता दरबार में 15 फरियादियों ने लगाई गुहार, अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई का निर्देश
आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासन तक उनकी सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने जनसुनवाई की व्यवस्था को गति दी है। ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ अभियान के तहत प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को आयोजित होने वाले जनता दरबार में शुक्रवार को 15 फरियादियों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं।

__ सबका सम्मान, जीवन आसान’ अभियान के तहत हर सोमवार और शुक्रवार को हो रही जनसुनवाई; राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों की रही सर्वाधिक संख्या
केटी न्यूज/बक्सर।
आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासन तक उनकी सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने जनसुनवाई की व्यवस्था को गति दी है। ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ अभियान के तहत प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को आयोजित होने वाले जनता दरबार में शुक्रवार को 15 फरियादियों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं। समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में अपर समाहर्ता अरुण कुमार सिंह एवं अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी शशिकांत पासवान ने संयुक्त रूप से लोगों की फरियाद सुनी।

जनसुनवाई में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे नागरिकों ने जमीन से जुड़े विवादों, विकास कार्यों और अन्य विभागीय समस्याओं को लेकर आवेदन सौंपे। प्राप्त 15 आवेदनों में सर्वाधिक आठ आवेदन राजस्व विभाग से संबंधित थे। वहीं, विकास विभाग से जुड़ी चार और अन्य विभागों से संबंधित तीन शिकायतें प्राप्त हुईं। आंकड़े बताते हैं कि जनता की बड़ी संख्या आज भी राजस्व संबंधी समस्याओं से जूझ रही है।अधिकारियों ने एक-एक कर सभी आवेदकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को मामलों की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

साथ ही स्पष्ट किया कि शिकायतों को लंबित रखने के बजाय निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक आवेदन पर पारदर्शी, निष्पक्ष और न्यायोचित तरीके से कार्रवाई होगी।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई केवल आवेदन लेने की औपचारिकता नहीं, बल्कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम है। इसी उद्देश्य से नियमित जनता दरबार आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को अपनी शिकायतों के निस्तारण के लिए अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े।


