बुनियाद केंद्र की फिजियोथेरेपी से 60 वर्षीय गोवर्धन को मिली नई राहत

उम्र बढ़ने के साथ घुटनों में दर्द और चलने-फिरने में परेशानी आम समस्या बन जाती है। ऐसे में नियमित फिजियोथेरेपी, व्यायाम और विशेषज्ञों की सलाह मरीजों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। डुमरांव स्थित बुनियाद केंद्र में उपचार के बाद नया भोजपुर निवासी 60 वर्षीय गोवर्धन वर्मा की स्थिति में आया सुधार इसका उदाहरण है।

बुनियाद केंद्र की फिजियोथेरेपी से 60 वर्षीय गोवर्धन को मिली नई राहत

__ नियमित व्यायाम और विशेषज्ञों की देखरेख से घुटने के दर्द में हुआ सुधार, अब सहजता से कर रहे रोजमर्रा के काम

केटी न्यूज/डुमरांव।

उम्र बढ़ने के साथ घुटनों में दर्द और चलने-फिरने में परेशानी आम समस्या बन जाती है। ऐसे में नियमित फिजियोथेरेपी, व्यायाम और विशेषज्ञों की सलाह मरीजों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। डुमरांव स्थित बुनियाद केंद्र में उपचार के बाद नया भोजपुर निवासी 60 वर्षीय गोवर्धन वर्मा की स्थिति में आया सुधार इसका उदाहरण है। घुटने के दर्द के कारण चलने-फिरने और दैनिक कार्यों में परेशानी झेल रहे गोवर्धन अब काफी राहत महसूस कर रहे हैं और सामान्य रूप से अपने रोजमर्रा के काम कर पा रहे हैं।गोवर्धन वर्मा ने 8 मई 2026 को घुटने की समस्या के उपचार और फिजियोथेरेपी के लिए बुनियाद केंद्र में पंजीकरण कराया था। उपचार शुरू होने के समय उन्हें घुटने में दर्द के साथ चलने-फिरने में कठिनाई होती थी। दैनिक गतिविधियों को पूरा करने में भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

उनकी स्थिति को देखते हुए केंद्र की फिजियोथेरेपी टीम ने नियमित उपचार, आवश्यक व्यायाम और विशेषज्ञों की निगरानी में थेरेपी शुरू की।फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. विकास कुमार ने बताया कि घुटने की समस्या में नियमितता सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि गोवर्धन वर्मा ने उपचार के दौरान नियमित रूप से फिजियोथेरेपी कराई और बताए गए व्यायाम को गंभीरता से अपनाया। उनकी नियमित उपस्थिति और चिकित्सकीय सलाह के पालन से उपचार का सकारात्मक परिणाम सामने आया। धीरे-धीरे घुटने के दर्द में कमी आई और चलने-फिरने की क्षमता में सुधार होने लगा। डॉ. विकास ने कहा कि मरीज की सक्रिय भागीदारी और नियमित व्यायाम फिजियोथेरेपी के बेहतर परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, 15 जून तक गोवर्धन वर्मा की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। अब वे बिना परेशानी चल-फिर पा रहे हैं और दैनिक कार्य सामान्य रूप से करने में सक्षम हैं।

उपचार के दौरान उनकी नियमितता को सुधार का प्रमुख कारण बताया गया है।अपने अनुभव साझा करते हुए गोवर्धन वर्मा ने बताया कि बुनियाद केंद्र की टीम और फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. विकास कुमार के मार्गदर्शन से उन्हें काफी लाभ मिला। उन्होंने कहा कि उपचार और नियमित व्यायाम के बाद अब चलने-फिरने में पहले जैसी परेशानी नहीं होती। उन्होंने केंद्र की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।गोवर्धन वर्मा की कहानी यह संदेश देती है कि उम्र बढ़ने के साथ होने वाली शारीरिक परेशानियों में उचित चिकित्सकीय मार्गदर्शन, नियमित फिजियोथेरेपी और मरीज की प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बुनियाद केंद्र में मिली यह राहत घुटने और चलने-फिरने से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए उम्मीद की एक सकारात्मक मिसाल है।