श्रावणी मेले की तैयारियों का डीएम-एसपी ने लिया जायजा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर

आगामी श्रावणी माह में बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर, जंगली महादेव शिव मंदिर तथा रामरेखा घाट पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को जिलाधिकारी साहिला एवं पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने संयुक्त रूप से ब्रह्मपुर स्थित बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर, डुमरांव के जंगली महादेव शिव मंदिर तथा बक्सर के रामरेखा घाट का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

श्रावणी मेले की तैयारियों का डीएम-एसपी ने लिया जायजा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर

__ ब्रह्मपुर, डुमरांव और रामरेखा घाट का संयुक्त निरीक्षण, बैरिकेडिंग, निगरानी, साफ-सफाई, प्रकाश और आपदा प्रबंधन की व्यवस्था समय पर पूरी करने के निर्देश

केटी न्यूज/बक्सर

आगामी श्रावणी माह में बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर, जंगली महादेव शिव मंदिर तथा रामरेखा घाट पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को जिलाधिकारी साहिला एवं पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने संयुक्त रूप से ब्रह्मपुर स्थित बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर, डुमरांव के जंगली महादेव शिव मंदिर तथा बक्सर के रामरेखा घाट का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने का निर्देश दिया।बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर, दर्शन व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास मार्ग, कतार प्रबंधन, अवरोधक घेराबंदी, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, वाहन पड़ाव, चिकित्सा सुविधा, नियंत्रण कक्ष तथा सुरक्षा व्यवस्था का विस्तार से निरीक्षण किया।

उन्होंने कहा कि श्रावणी मेले के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं।जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त अवरोधक घेराबंदी कर कतार व्यवस्था मजबूत करने तथा भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।उन्होंने मेला क्षेत्र में सतत निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली तथा नियंत्रण कक्ष को पूरी तरह सक्रिय रखने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि पूरे श्रावणी माह में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

रामरेखा घाट के निरीक्षण के दौरान नगर परिषद बक्सर के कार्यपालक पदाधिकारी को सभी घाटों की नियमित साफ-सफाई, मजबूत घेराबंदी, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, वस्त्र परिवर्तन कक्ष तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी सीसीटीवी कैमरों को चालू रखने तथा घाटों पर चेतावनी संबंधी सूचना पट्ट लगाने को कहा गया।डुमरांव के जंगली महादेव शिव मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग को मोटर वाहन योग्य बनाने के लिए नगर परिषद डुमरांव को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने तथा एलईडी स्क्रीन एवं दिशा-सूचक सूचना पट्टों के जरिए सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया।जिला आपदा शाखा को निर्देश दिया गया कि रामरेखा घाट सहित प्रमुख घाटों पर शनिवार से सोमवार तक राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम तैनात रहे।

इसके अलावा नाव, नाविक और गोताखोरों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, कैमरों के माध्यम से निगरानी, भीड़ नियंत्रण तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। वहीं जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को वाहन पड़ाव, यातायात प्रबंधन तथा विभिन्न विभागों के समन्वय के साथ नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि श्रावणी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।