केसठ में पंचायत विकास दिवस सह ग्राम सभा का आयोजन, विकास कार्यों की हुई समीक्षा

प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में सरकार के निर्देशानुसार माह के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस सह ग्राम सभा का आयोजन किया गया। केसठ पंचायत सरकार भवन परिसर में आयोजित ग्राम सभा की अध्यक्षता मुखिया अरविंद कुमार सिंह उर्फ गामा पहलवान ने की।

केसठ में पंचायत विकास दिवस सह ग्राम सभा का आयोजन, विकास कार्यों की हुई समीक्षा

केटी न्यूज/केसठ। 

प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में सरकार के निर्देशानुसार माह के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस सह ग्राम सभा का आयोजन किया गया। केसठ पंचायत सरकार भवन परिसर में आयोजित ग्राम सभा की अध्यक्षता मुखिया अरविंद कुमार सिंह उर्फ गामा पहलवान ने की।ग्राम सभा में सरपंच, वार्ड सदस्य, पंच सदस्य, राजस्व कर्मचारी, क्षेत्र के सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, आशा कार्यकर्ता, जीविका समूह की दीदियां, टोला सेवक, स्वच्छता पर्यवेक्षक सहित विभिन्न विभागों के कर्मियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।मुखिया अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि पंचायत विकास दिवस का उद्देश्य राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करना है।

इस अवसर पर पंचायत में संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा की गई तथा नई योजनाओं के चयन, विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान और पंचायत के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही महिला हितैषी योजनाओं एवं उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विचार-विमर्श किया गया।ग्राम सभा में जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने पंचायत के विकास कार्यों को और गति देने के लिए अपने-अपने सुझाव भी दिए। इस दौरान प्रखंड प्रमुख मुन्ना सिंह, सरपंच दुर्गावती देवी, मुकेश कुमार, अभय कुमार, जितेंद्र कुमार, अमितेश कुमार, संजय बारी, सुमन देवी, राजीव कुमार, रूबी कुमारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

--विद्यालयों की निगरानी के लिए समिति गठित, जीविका दीदियों को मिली अहम जिम्मेदारी

ग्राम सभा में पंचायत के सभी सरकारी विद्यालयों के लिए निगरानी समिति का गठन किया गया। प्रत्येक विद्यालय के लिए गठित समिति में एक स्थानीय ग्रामीण के साथ चार जीविका दीदियों को शामिल किया गया है। यह समिति विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, मध्याह्न भोजन, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की नियमित निगरानी करेगी तथा विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं और सुझावों को ग्राम पंचायत के समक्ष रखेगी, ताकि उनका समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके।