डिजिटल होगी जनगणना 2027, बक्सर में प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

केटी न्यूज/बक्सर आगामी जनगणना 2027 को लेकर बक्सर जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में सोमवार को समाहरणालय परिसर स्थित नया सभागार में जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में जनगणना से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को जनगणना की प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं तथा डिजिटल माध्यम से डाटा संग्रहण की जानकारी दी जा रही है।

डिजिटल होगी जनगणना 2027, बक्सर में प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी साहिला ने कहा कि जनगणना किसी भी देश की विकास योजना और नीतियों के निर्धारण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण आधार होती है। इसके माध्यम से जनसंख्या, सामाजिक संरचना, आर्थिक स्थिति तथा अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों की जानकारी मिलती है, जिससे सरकार को योजनाएं बनाने और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि इस बार होने वाली जनगणना कई मायनों में विशेष है, क्योंकि यह देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी।

जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 9 मार्च से 14 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के पहले चरण में 9 मार्च से 11 मार्च तक जिला स्तरीय पदाधिकारियों को जनगणना से जुड़ी प्रक्रियाओं, तकनीकी व्यवस्था और डाटा प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं दूसरे चरण में 12 मार्च से 14 मार्च तक अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनगणना कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें।

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए राज्य स्तर से दो अनुभवी प्रशिक्षक बक्सर जिले में भेजे गए हैं। ये प्रशिक्षक जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को जनगणना के विभिन्न पहलुओं से अवगत करा रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल एप्लिकेशन के उपयोग, डाटा एंट्री, मॉनिटरिंग सिस्टम तथा रिपोर्टिंग प्रक्रिया की भी विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना 2027 पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से संपन्न कराई जाएगी। इसमें डाटा संग्रहण मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा, जबकि इसकी मॉनिटरिंग केंद्रीय पोर्टल के जरिए की जाएगी। इससे न केवल डाटा संग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि पारदर्शिता और सटीकता भी सुनिश्चित होगी।

जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में मकान सूचीकरण का कार्य 2 मई से 31 मई तक किया जाएगा। इसके अलावा स्वगणना की प्रक्रिया 17 अप्रैल से 1 मई तक चलेगी, जिसमें नागरिक स्वयं भी अपने परिवार की जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज कर सकेंगे।

वहीं दूसरे चरण में वास्तविक जनगणना की प्रक्रिया 1 मार्च 2027 तक संपन्न की जाएगी। इसके बाद 1 मार्च 2027 से 5 मार्च 2027 तक रिवीजन राउंड चलाया जाएगा, जिसमें छूटे हुए या संशोधन योग्य आंकड़ों को ठीक किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण में शामिल सभी पदाधिकारियों से कहा कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और जनगणना कार्य को पूरी जिम्मेदारी के साथ संपन्न करें, ताकि जिले में यह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।