“कसम धरती माई” ने खोली नशे की साजिश की परतें, महादलित बस्ती में जागी चेतना

प्रखंड के बन्नी पंचायत अंतर्गत भरखरा गांव की महादलित बस्ती उस समय सामाजिक चेतना का केंद्र बन गई, जब वहां भोजपुरी नाटक “कसम धरती माई” का सशक्त मंचन किया गया। गांव की चौपाल पर सजी यह रंगमंचीय प्रस्तुति केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने समाज में तेजी से पनप रही नशा प्रवृत्ति और उसके पीछे छिपी साजिशों को बेनकाब कर दिया।

“कसम धरती माई” ने खोली नशे की साजिश की परतें, महादलित बस्ती में जागी चेतना

__ भरखरा गांव में भोजपुरी नाटक के मंचन ने शिक्षा, नशा और सामाजिक जिम्मेदारी पर छोड़ी गहरी छाप

केटी न्यूज/राजपुर

प्रखंड के बन्नी पंचायत अंतर्गत भरखरा गांव की महादलित बस्ती उस समय सामाजिक चेतना का केंद्र बन गई, जब वहां भोजपुरी नाटक “कसम धरती माई” का सशक्त मंचन किया गया। गांव की चौपाल पर सजी यह रंगमंचीय प्रस्तुति केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने समाज में तेजी से पनप रही नशा प्रवृत्ति और उसके पीछे छिपी साजिशों को बेनकाब कर दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ बीडीसी प्रतिनिधि अखिलेश कुमार एवं समाजसेवियों द्वारा संत शिरोमणि रविदास के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया।

इसके बाद कलाकारों का परिचय हुआ और नाटक की शुरुआत होते ही दर्शक भावनात्मक रूप से कथा से जुड़ते चले गए। नाटक का निर्देशन कपिल राम ने किया, जिन्होंने कथा को जमीन से जोड़ते हुए बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।नाटक की कहानी गांव-समाज के उस कड़वे सच को सामने लाती है, जहां शिक्षा के अभाव में युवा पीढ़ी भटकाव का शिकार होकर कम उम्र में ही नशे की गिरफ्त में आ जाती है। मंच पर यह दृश्य जीवंत रूप में उभरा कि किस तरह नशे की लत युवाओं को उनके परिवार, समाज और जिम्मेदारियों से दूर कर देती है। कलाकारों ने यह भी दर्शाया कि नशे के बड़े सौदागर किस प्रकार समाज को धीरे-धीरे कमजोर करते हैं और जो भी उनके खिलाफ आवाज उठाता है, उसे दबाने की हरसंभव कोशिश करते हैं।

नाटक के संवाद, गीत और अभिनय ने दर्शकों को झकझोर दिया। कई दृश्य ऐसे रहे, जिनमें सन्नाटा छा गया और आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों ने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में जहां गांव की संस्कृति और लोक कला पीछे छूटती जा रही है, वहीं इस तरह के नाटक समाज को आईना दिखाने का काम कर रहे हैं।इस प्रस्तुति में कलाकार गौतम कुमार, सुभाष राम, अर्जुन कुमार, चंदन कुमार, अंतू राम और गोरख कुमार ने अपने सशक्त अभिनय से जान डाल दी। दर्शकों ने कलाकारों की जमकर सराहना की और कहा कि यह नाटक स्थानीय युवाओं को नशे से दूर रहने और शिक्षा की ओर बढ़ने की प्रेरणा देगा।कुल मिलाकर, “कसम धरती माई” नाटक ने मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देकर गांव में जागरूकता की मजबूत लकीर खींची।