अपराध नियंत्रण पर सख्त रुख, 15 दिनों में लंबित मामलों के निपटारे का अल्टीमेटम

अनुमंडल क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में रविवार को अनुमंडल पुलिस कार्यालय सभागार में आयोजित क्राइम मीटिंग में एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए।

अपराध नियंत्रण पर सख्त रुख, 15 दिनों में लंबित मामलों के निपटारे का अल्टीमेटम

__ हाईवे और संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी पेट्रोलिंग, साइबर क्राइम पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश

केटी न्यूज/डुमरांव:

अनुमंडल क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में रविवार को अनुमंडल पुलिस कार्यालय सभागार में आयोजित क्राइम मीटिंग में एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए।बैठक में अनुमंडल के सभी थानाध्यक्ष, सर्किल इंस्पेक्टर, जांच पदाधिकारी और तकनीकी शाखा के अधिकारी उपस्थित रहे। एसडीपीओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए सबसे जरूरी है पुलिस की सक्रियता और जवाबदेही। उन्होंने गश्ती व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर देते हुए निर्देश दिया कि खासकर रात्रि गश्ती में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एसडीपीओ ने हाईवे, भीड़-भाड़ वाले बाजारों और संवेदनशील गांवों को चिन्हित कर वहां नियमित मोबाइल पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस की लगातार मौजूदगी से असामाजिक तत्वों में भय बना रहेगा और अपराध की घटनाओं में कमी आएगी।बैठक में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए एसडीपीओ ने सभी थानाध्यक्षों को 15 दिनों के भीतर अधिक से अधिक कांडों के निष्पादन का लक्ष्य दिया। उन्होंने अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार लाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि मजबूत आरोपपत्र ही अदालत में अपराधियों को सजा दिलाने में मददगार साबित होंगे।

इसके अलावा वारंटियों और फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए उन्होंने आम लोगों में जागरूकता फैलाने और पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया।एसडीपीओ ने यह भी निर्देश दिया कि थानों में आने वाले हर फरियादी के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए, ताकि पुलिस और जनता के बीच विश्वास मजबूत हो सके। बैठक के अंत में उन्होंने कहा कि अनुशासन, समन्वय और सक्रिय कार्यशैली के जरिए ही बेहतर कानून-व्यवस्था कायम रखी जा सकती है।