कोरान सराय मध्य विद्यालय में आरएसएस द्वारा हिंदू सम्मेलन का आयोजन, सनातन संस्कृति की रक्षा का आह्वान
कोरान सराय मध्य विद्यालय के परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के तत्वावधान में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता हृदयानंद पांडे ने की, जबकि संचालन विभाग कार्यवाहक विमल कुमार सिंह ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के गीत से हुआ, जिसके बाद हिंदू धर्म के जयघोष और संस्कृत भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए गए। आयोजन में बड़ी संख्या में सकल हिंदू समाज के लोगों की भागीदारी देखी गई।
__जात-पात से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता और हिंदू एकता मजबूत करने पर वक्ताओं ने दिया जोर
केटी न्यूज/डुमरांव
कोरान सराय मध्य विद्यालय के परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के तत्वावधान में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता हृदयानंद पांडे ने की, जबकि संचालन विभाग कार्यवाहक विमल कुमार सिंह ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के गीत से हुआ, जिसके बाद हिंदू धर्म के जयघोष और संस्कृत भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए गए। आयोजन में बड़ी संख्या में सकल हिंदू समाज के लोगों की भागीदारी देखी गई।सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में सनातन संस्कृति और सनातन धर्म को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने समाज में विभाजन पैदा करने वाली प्रवृत्तियों से सतर्क रहने की आवश्यकता बताई और जात-पात के नाम पर हिंदुओं को आपस में लड़ाने के प्रयासों का विरोध किया। वक्ताओं ने कहा कि हिंदू समाज को इन चुनौतियों का सामना एकजुट होकर करना होगा।

__सनातन संस्कृति की रक्षा पर जोर
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सकल हिंदू समाज से आग्रह किया कि जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर मंदिरों, मठों और सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा करें। साथ ही गांव-गांव जाकर हिंदू भावना को जागृत करने की आवश्यकता बताई, ताकि समाज में एकता और जागरूकता बनी रहे।

__ धर्मांतरण और सामाजिक समरसता पर चर्चा
सम्मेलन में वक्ताओं ने कथित रूप से हो रहे धर्मांतरण के प्रयासों पर भी चिंता व्यक्त की और लोगों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को जागरूक रहने की सलाह दी। वक्ताओं ने कहा कि यदि समाज जात-पात में बंटा रहेगा तो सनातन संस्कृति कमजोर होगी, इसलिए सामाजिक समरसता और समानता पर आधारित समाज का निर्माण समय की मांग है।

__ राष्ट्र सेवा और गांव-गांव जागरण का संदेश
हिंदू सम्मेलन में यह भी कहा गया कि स्वयंसेवकों का कर्तव्य है कि वे राष्ट्र निर्माण के साथ-साथ गांवों में जाकर सामाजिक समरसता का संदेश दें। वक्ताओं ने एकजुटता को देश, धर्म और समाज की सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि एकजुट हिंदू समाज से ही देश सुरक्षित रहेगा और सांस्कृतिक विरासत संरक्षित रह सकेगी।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर नंदजी दुबे, जयशंकर पांडे, लक्ष्मण दुबे, राष्ट्रीय हिंदू फंड के दक्षिण बिहार प्रांत के संगठन मंत्री संतोष दुबे उपस्थित रहे। इसके अलावा शालिग्राम दुबे, सुमित कुमार गुप्ता, सुमित कुमार शर्मा, गोविंदर तिवारी, विपिन बिहारी सिंह, ब्रह्मेश्वर तिवारी, शिक्षक पूर्णानंद मिश्रा, शिक्षक राहुल मिश्रा, ऐश्वर्या मिश्रा, विमलेश कुमार तिवारी सहित सैकड़ों की संख्या में सकल हिंदू समाज के लोग सम्मेलन में शामिल हुए।

