स्वदेशी स्वालंबन अभियान के प्रमुख बने डॉ. राजीव झा, प्राकृतिक खेती व स्वदेशी जीवनशैली को बढ़ावा देने का लिया संकल्प
स्वदेशी के भाव को जन-जन तक पहुंचाने और प्राकृतिक जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को बक्सर गोलंबर स्थित विश्वामित्र हॉस्पिटल में स्वदेशी स्वावलंबन अभियान की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने स्वदेशी विचार, प्राकृतिक खेती तथा आत्मनिर्भर जीवनशैली को लेकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया।

__ विश्वामित्र हॉस्पिटल में हुई बैठक, गोष्ठी और संवाद के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने की बनेगी रणनीति
केटी न्यूज/बक्सर
स्वदेशी के भाव को जन-जन तक पहुंचाने और प्राकृतिक जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को बक्सर गोलंबर स्थित विश्वामित्र हॉस्पिटल में स्वदेशी स्वावलंबन अभियान की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने स्वदेशी विचार, प्राकृतिक खेती तथा आत्मनिर्भर जीवनशैली को लेकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया।बैठक में सर्वसम्मति से विश्वामित्र हॉस्पिटल के निदेशक एवं प्रख्यात चिकित्सक डॉ. राजीव झा को स्वदेशी स्वावलंबन अभियान का प्रमुख (संयोजक) घोषित किया गया। उनके नाम की घोषणा के साथ उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक उनका स्वागत किया और अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के बिहार-झारखंड संयोजक अजय जी ने कहा कि वर्तमान समय में देश अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे दौर में स्वदेशी सोच और आत्मनिर्भरता को जीवन का हिस्सा बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिए विद्युत ऊर्जा आधारित साधनों का अधिक प्रयोग किया जाना चाहिए। साथ ही प्राकृतिक खेती अपनाकर रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि स्वदेशी स्वावलंबन अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को प्रकृति और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का जनआंदोलन है।

इसके लिए गांव-गांव और मोहल्लों में गोष्ठियों, संवाद कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों का आयोजन किया जाएगा।अभियान की जिम्मेदारी मिलने के बाद डॉ. राजीव झा ने कहा कि आज का समाज ज्ञान और संसाधनों से समृद्ध है, लेकिन आधुनिक जीवन की सहजता ने उसे कृत्रिम साधनों और कृत्रिम जीवनशैली की ओर अधिक आकर्षित कर दिया है। उन्होंने कहा कि समाज को पुनः प्रकृति के साथ जोड़ने की आवश्यकता है और इसके लिए केवल जागरूकता ही सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विश्वास जताया कि लोग स्वदेशी और प्राकृतिक जीवनशैली को सहज रूप से स्वीकार करेंगे तथा स्वावलंबन टोली इस दिशा में प्रभावी भूमिका निभाएगी।

बैठक में पूर्व प्राचार्य डॉ. विजय मिश्र, हनुमान मंदिर गोलंबर के अध्यक्ष अरविंद सिंह, अनिल शर्मा, नागेंद्र प्रसाद, बद्री चौधरी, सतेंद्र उपाध्याय, अभिजीत, विंध्याचल सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने अभियान को समाज के व्यापक हित से जुड़ा बताते हुए इसे सफल बनाने का संकल्प लिया।
