डुमरांव के श्रेयस ने राष्ट्रीय परीक्षाओं में लहराया परचम, कई प्रतिष्ठित संस्थानों के लिए बने दावेदार
डुमरांव के एक युवा छात्र ने राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार सफलता हासिल कर क्षेत्र, जिले और बिहार का गौरव बढ़ाया है। नगर के लाला टोली रोड निवासी संजय श्रीवास्तव के पुत्र श्रेयस श्रीवास्तव ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर इंजीनियरिंग एवं रक्षा क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं।


__ जेईई एडवांस्ड में हासिल की सफलता, आईआईआईटी हैदराबाद, बिट्स पिलानी और एनडीए समेत कई परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन, यूपीएससी में जाने का है लक्ष्य
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव के एक युवा छात्र ने राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार सफलता हासिल कर क्षेत्र, जिले और बिहार का गौरव बढ़ाया है। नगर के लाला टोली रोड निवासी संजय श्रीवास्तव के पुत्र श्रेयस श्रीवास्तव ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर इंजीनियरिंग एवं रक्षा क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं।हाल ही में घोषित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एडवांस्ड-2026 के परिणाम में श्रेयस ने अखिल भारतीय रैंक 13162 प्राप्त कर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में प्रवेश के लिए अपनी दावेदारी मजबूत की है। वहीं, उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) हैदराबाद की प्रतिष्ठित यूजीईई परीक्षा में सफलता शामिल है।

देश के चुनिंदा मेधावी विद्यार्थियों के लिए आयोजित यह परीक्षा अपनी कठिन चयन प्रक्रिया और शोध आधारित मूल्यांकन के लिए जानी जाती है।श्रेयस ने इसके अलावा कॉमेड-के परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 1249, कर्नाटक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (केसीईटी) में 500 के भीतर रैंक, मणिपाल प्रवेश परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 513 तथा पीईएस विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 333 हासिल की है। वे बिरला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (बिट्स) पिलानी में प्रवेश के लिए भी पात्र घोषित किए गए हैं। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की लिखित परीक्षा भी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर अपनी बहुआयामी प्रतिभा का परिचय दिया है।श्रेयस की शैक्षणिक यात्रा शुरू से ही उत्कृष्ट रही है। वर्ष 2024 में दसवीं बोर्ड परीक्षा में विज्ञान विषय में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर उन्हें उत्तर बेंगलुरु क्षेत्र के उत्कृष्ट विद्यार्थियों में शामिल किया गया था।

इस उपलब्धि के लिए उन्हें कर्नाटक सरकार के राजस्व मंत्री द्वारा सम्मानित भी किया गया था।विशेष बात यह रही कि उन्होंने कोटा जैसे बड़े कोचिंग केंद्रों का सहारा लेने के बजाय घर पर रहकर तैयारी की और यह साबित किया कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर मेहनत के बल पर भी राष्ट्रीय स्तर की सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी छोटी बहन शानवी श्रीवास्तव भी गणित में अपनी असाधारण प्रतिभा के कारण वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान प्राप्त कर चुकी हैं।श्रेयस की इस उपलब्धि पर शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। इंजीनियरिंग शिक्षा पूरी करने के बाद उनका लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रशासनिक सेवा में योगदान देना है। उनकी सफलता आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण बन गई है।

