15 लाख तक की योजनाओं में भी अब ई-टेंडर अनिवार्य
बिहार के नगर निकायों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने नया आदेश जारी करते हुए अब 15 लाख रुपये से कम लागत वाली योजनाओं को भी ई-निविदा (ई-टेंडर) के माध्यम से ही कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही पूर्व में जारी वह आदेश रद्द कर दिया गया है, जिसके तहत 15 लाख रुपये से कम की योजनाओं को विभागीय स्तर पर बिना निविदा के कराया जा सकता था।
__ नगर विकास विभाग का नया आदेश, डुमरांव समेत जिले के सभी नगर निकायों में विभागीय कार्य पर लगी रोक
केटी न्यूज/डुमरांव
बिहार के नगर निकायों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने नया आदेश जारी करते हुए अब 15 लाख रुपये से कम लागत वाली योजनाओं को भी ई-निविदा (ई-टेंडर) के माध्यम से ही कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही पूर्व में जारी वह आदेश रद्द कर दिया गया है, जिसके तहत 15 लाख रुपये से कम की योजनाओं को विभागीय स्तर पर बिना निविदा के कराया जा सकता था।यह आदेश बक्सर जिले के नगर परिषद डुमरांव सहित सभी नगर परिषद और नगर पंचायतों पर समान रूप से लागू होगा।विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अब नगर निकायों द्वारा किसी भी योजना को विभागीय रूप से नहीं कराया जाएगा।

सभी कार्यों के लिए ई-निविदा प्रक्रिया अनिवार्य होगी।दरअसल वर्ष 2023 में जारी आदेश के तहत नगर निकायों को 15 लाख रुपये तक की योजनाएं विभागीय स्तर पर कराने की छूट दी गई थी। इसी व्यवस्था के तहत डुमरांव नगर परिषद द्वारा पिछले एक वर्ष के दौरान बड़ी संख्या में योजनाओं का कार्य विभागीय स्तर पर कराया गया। हालांकि इन कार्यों को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार सवाल उठते रहे।स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर ऐसी सड़कों का निर्माण कराया गया, जहां आबादी बहुत कम है या लाभार्थियों की संख्या नगण्य है। वहीं जिन इलाकों में सड़क और बुनियादी सुविधाओं की सख्त जरूरत थी, वहां कार्य प्राथमिकता में नहीं लिया गया।हालात यह भी हैं कि हाल ही में बनी कई सड़कों में दरारें पड़ने लगी हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

डुमरांव ही नहीं, बल्कि बक्सर नगर पंचायत सहित राज्य के कई अन्य नगर निकायों से भी इसी तरह की शिकायतें नगर विकास एवं आवास विभाग को प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की है।नए निर्देश के अनुसार यदि आदेश जारी होने की तिथि तक किसी योजना का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, तो उसे विभागीय स्तर पर शुरू नहीं किया जाएगा। ऐसे सभी कार्यों को अब ई-टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से ही कराया जाएगा। विभाग का मानना है कि प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया लागू होने से कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा और नगर निकायों के राजस्व में भी वृद्धि की संभावना बढ़ेगी।

बयान:
नगर परिषद डुमरांव के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे ने बताया कि विभागीय आदेश का अक्षरशः पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अब सभी योजनाएं ई-टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से ही कराई जाएंगी।
