बक्सर-चौसा मार्ग पर दर्दनाक हादसा: नीलगाय से टकराई बाइक, पूर्व मुखिया रविन्द्र उपाध्याय की मौत
बक्सर-चौसा मुख्य मार्ग पर गुरुवार दोपहर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। बनारपुर पंचायत के पूर्व मुखिया एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रविन्द्र उपाध्याय उर्फ बुचा उपाध्याय (65) की नीलगाय से बाइक टकराने के बाद हुई दुर्घटना में मौत हो गई।


__ दैतरा बाबा के समीप अचानक सड़क पर आई नीलगाय बनी हादसे की वजह, इलाज के दौरान सदर अस्पताल में तोड़ा दम; चौसा सहित जिले में शोक की लहर
केटी न्यूज/चौसा
बक्सर-चौसा मुख्य मार्ग पर गुरुवार दोपहर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। बनारपुर पंचायत के पूर्व मुखिया एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रविन्द्र उपाध्याय उर्फ बुचा उपाध्याय (65) की नीलगाय से बाइक टकराने के बाद हुई दुर्घटना में मौत हो गई। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हादीपुर-मिश्रवलिया के बीच दैतरा बाबा के समीप अचानक सड़क पर आई नीलगाय उनकी बाइक से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि वह बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बच सकी।जानकारी के अनुसार, चौसा नगर पंचायत के खिलाफतपुर निवासी रविन्द्र उपाध्याय किसी कार्य से बक्सर आए थे और दोपहर में बाइक से वापस चौसा लौट रहे थे। जैसे ही वह दैतरा बाबा के समीप पहुंचे, अचानक एक नीलगाय सड़क पर आ गई और उनकी बाइक से भिड़ गई।

अप्रत्याशित टक्कर के कारण वह अनियंत्रित होकर सड़क पर जा गिरे। हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट लगी, जिससे उनकी स्थिति बेहद नाजुक हो गई।घटना के बाद आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चौसा पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए सदर अस्पताल, बक्सर रेफर कर दिया। चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर परिजनों को सौंप दिया। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। उनके परिवार में पत्नी, एक पुत्र और तीन पुत्रियां हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि रविन्द्र उपाध्याय हमेशा सड़क सुरक्षा का ध्यान रखते थे और बाइक चलाते समय नियमित रूप से हेलमेट पहनते थे। हादसे के समय भी उन्होंने हेलमेट लगाया था, लेकिन टक्कर के दौरान हेलमेट खुलकर सड़क किनारे जा गिरा, जिससे सिर पर गंभीर चोट लग गई।रविन्द्र उपाध्याय का निधन केवल एक परिवार की क्षति नहीं, बल्कि क्षेत्र की राजनीति और सामाजिक जीवन के लिए भी बड़ी क्षति माना जा रहा है। वे लंबे समय तक कांग्रेस के सक्रिय नेता रहे और ग्रामीण समस्याओं को लेकर हमेशा मुखर रहते थे। वर्ष 2008 के उपचुनाव में वे बनारपुर पंचायत के मुखिया निर्वाचित हुए थे। अपने कार्यकाल में उन्होंने विकास कार्यों के साथ सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

राजनीतिक जीवन के अलावा वे एक प्रगतिशील किसान, उत्कृष्ट फुटबॉल खिलाड़ी और बेहद मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में भी जाने जाते थे। उनके व्यवहार और जनसंपर्क के कारण सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक वर्गों में उनका सम्मान था।उनके निधन की खबर फैलते ही चौसा नगर पंचायत सहित पूरे बक्सर जिले में शोक की लहर दौड़ गई। पूर्व जिला परिषद सदस्य डॉ. मनोज कुमार यादव, अभिमन्यु सिंह, विकास राज समेत कई जनप्रतिनिधियों, कांग्रेस नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। लोगों ने कहा कि बुचा उपाध्याय का निधन क्षेत्र के सार्वजनिक जीवन की ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी।

