आकाशीय बिजली का कहर: पलभर में उजड़ गई किसान की पूंजी, गर्भवती गाय की मौत और भूसे का ढेर राख

नया भोजपुर थाना क्षेत्र के चिलहरी गांव में रविवार तड़के आकाशीय बिजली ने एक किसान परिवार की वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सुबह करीब चार बजे तेज गर्जना के साथ गिरी बिजली ने किसान अनिल राय के घर को निशाना बनाया, जिससे उनकी गर्भवती गाय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घर के पास रखा भूसे का बड़ा ढेर आग की भेंट चढ़कर पूरी तरह राख हो गया।

आकाशीय बिजली का कहर: पलभर में उजड़ गई किसान की पूंजी, गर्भवती गाय की मौत और भूसे का ढेर राख

केटी न्यूज/डुमरांव। 

नया भोजपुर थाना क्षेत्र के चिलहरी गांव में रविवार तड़के आकाशीय बिजली ने एक किसान परिवार की वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सुबह करीब चार बजे तेज गर्जना के साथ गिरी बिजली ने किसान अनिल राय के घर को निशाना बनाया, जिससे उनकी गर्भवती गाय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घर के पास रखा भूसे का बड़ा ढेर आग की भेंट चढ़कर पूरी तरह राख हो गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जोरदार धमाके की आवाज से पूरा गांव सहम उठा। ग्रामीण जब घटनास्थल पर पहुंचे तो गर्भवती गाय मृत पड़ी थी और भूसे के ढेर से तेज लपटें उठ रही थीं। आग तेजी से फैल रही थी, जिससे आसपास के घरों, मवेशियों और संपत्ति पर भी खतरा मंडराने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए बाल्टियों, मोटर पंप और अन्य उपलब्ध संसाधनों के सहारे आग बुझाने की मुहिम शुरू कर दी।

कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया।ग्रामीणों का कहना है कि यदि कुछ मिनट और देर हो जाती तो आग आसपास के रिहायशी इलाके तक पहुंच सकती थी और नुकसान कई गुना बढ़ जाता। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में आकाशीय बिजली से बचाव के प्रभावी उपायों और त्वरित राहत व्यवस्था की जरूरत को उजागर कर दिया है।पीड़ित किसान अनिल राय ने बताया कि गर्भवती गाय उनके परिवार की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार थी। उसकी मौत और भूसे के जल जाने से उन्हें भारी आर्थिक क्षति हुई है। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का सर्वे कराकर आपदा राहत मद से शीघ्र मुआवजा देने तथा प्रभावित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।