अतिक्रमण से लेकर नीलाम वाद तक हजारों फाइलों में कैद इंसाफ, एसडीएम ने अफसरों को दिखाई सख्ती

अनुमंडल क्षेत्र में वर्षों से लंबित पड़े राजस्व मामलों और सरकारी आदेशों के अनुपालन में हो रही सुस्ती पर प्रशासन अब सख्त रुख अपनाने के मूड में दिख रहा है। शनिवार को अनुमंडल कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में एसडीएम राकेश कुमार ने राजस्व विभाग से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा करते हुए साफ संकेत दिया कि अब अतिक्रमण, नीलाम वाद और लोक शिकायत निवारण के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अतिक्रमण से लेकर नीलाम वाद तक हजारों फाइलों में कैद इंसाफ, एसडीएम ने अफसरों को दिखाई सख्ती

__ एनएच किनारे कब्जों पर चलेगा अभियान, 2100 से अधिक लंबित मामलों के जल्द निपटारे का निर्देश, बॉडी वारंट के अनुपालन में लापरवाही पर जताई नाराजगी

केटी न्यूज/डुमरांव

अनुमंडल क्षेत्र में वर्षों से लंबित पड़े राजस्व मामलों और सरकारी आदेशों के अनुपालन में हो रही सुस्ती पर प्रशासन अब सख्त रुख अपनाने के मूड में दिख रहा है। शनिवार को अनुमंडल कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में एसडीएम राकेश कुमार ने राजस्व विभाग से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा करते हुए साफ संकेत दिया कि अब अतिक्रमण, नीलाम वाद और लोक शिकायत निवारण के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में सामने आए आंकड़ों ने राजस्व व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर कर दिया। अनुमंडल क्षेत्र में हजारों मामले विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं। अकेले डीसीएलआर न्यायालय में करीब 1500 नीलाम वाद वर्षों से लंबित पड़े हैं, जबकि एसडीएम न्यायालय में भी लगभग 600 मामले निष्पादन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

इतनी बड़ी संख्या में लंबित मामलों को लेकर एसडीएम ने चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।बैठक का सबसे अहम मुद्दा राष्ट्रीय राजमार्ग-922 और राष्ट्रीय राजमार्ग-120 के किनारे बढ़ता अतिक्रमण रहा। एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि सड़क किनारे सरकारी भूमि और सार्वजनिक परिसंपत्तियों पर अवैध कब्जा न केवल विकास कार्यों में बाधा बन रहा है, बल्कि आम लोगों की आवाजाही और सुरक्षा के लिए भी चुनौती पैदा कर रहा है। उन्होंने सीओ और थानाध्यक्षों को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर ऐसे अतिक्रमणों को प्राथमिकता के आधार पर हटाने का निर्देश दिया।सिर्फ राष्ट्रीय राजमार्ग ही नहीं, बल्कि नगर क्षेत्रों, बाजारों और घनी आबादी वाले इलाकों में सार्वजनिक रास्तों तथा सरकारी जमीनों पर किए गए अतिक्रमणों को भी चिह्नित कर कार्रवाई करने का आदेश दिया गया।

प्रशासन का मानना है कि कई स्थानों पर अवैध कब्जों के कारण आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है और सरकारी भूमि का उपयोग प्रभावित हो रहा है।लोक शिकायत निवारण कार्यालय से निर्गत आदेशों के अनुपालन की समीक्षा के दौरान भी कई मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिलने पर एसडीएम ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि लोक शिकायत निवारण कार्यालय और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।बैठक में नीलाम वादों से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कई प्रकरणों में बॉडी वारंट जारी होने के बावजूद कार्रवाई की गति बेहद धीमी है।

इस पर एसडीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और लंबित वारंटों के अनुपालन की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।बैठक में मौजूद अधिकारियों को संबोधित करते हुए एसडीएम ने कहा कि लंबित मामलों के बोझ को कम करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभागों को समन्वय बनाकर काम करना होगा ताकि लोगों को समय पर न्याय और राहत मिल सके। बैठक में एसडीपीओ, सभी अंचलाधिकारी तथा संबंधित थानाध्यक्ष उपस्थित रहे।