भीड़ बनी जल्लाद: चोरी के शक में युवक को पेड़ से उल्टा लटकाकर पीटा, वीडियो से खुला राज
मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गुरुदास मठिया गांव से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत और कानून दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। चोरी के शक में एक युवक को भीड़ ने न सिर्फ बंधक बनाया, बल्कि उसे पेड़ से उल्टा लटकाकर बेरहमी से पीटा। इस अमानवीय कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं।

__ गांव में कानून को ठेंगा, 16 नामजद—पुरानी रंजिश की भी आशंका; पुलिस ने शुरू की गिरफ्तारी की कार्रवाई
केटी न्यूज/चौसा
मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गुरुदास मठिया गांव से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत और कानून दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। चोरी के शक में एक युवक को भीड़ ने न सिर्फ बंधक बनाया, बल्कि उसे पेड़ से उल्टा लटकाकर बेरहमी से पीटा। इस अमानवीय कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, रविवार की अहले सुबह गांव के कुछ लोगों ने गुरुदास मठिया निवासी रवि कुमार को चोरी के संदेह में पकड़ लिया। आरोप है कि बिना किसी ठोस सबूत के, ग्रामीणों ने खुद ही ‘सजा’ तय कर दी। युवक को रस्सी से बांधकर पेड़ की डाली से उल्टा लटका दिया गया और फिर डंडों व लात-घूंसों से उसकी जमकर पिटाई की गई। मौके पर मौजूद लोगों में से किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में तेजी से वायरल हो गया।

वीडियो सामने आने के बाद घटना ने तूल पकड़ लिया। स्थानीय लोगों में जहां आक्रोश है, वहीं यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर कब तक भीड़ इस तरह कानून को अपने हाथ में लेती रहेगी। घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर युवक को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया। गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। पीड़ित के पिता बसावन ने इस मामले में गांव के 16 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है।

उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि यह घटना सिर्फ चोरी के शक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे पुरानी दुश्मनी भी हो सकती है। उनका कहना है कि उनके बेटे को साजिश के तहत फंसाया गया और उसके साथ बर्बरता की गई। इस घटना ने ग्रामीण समाज में बढ़ती भीड़तंत्र की प्रवृत्ति को उजागर कर दिया है, जहां लोग कानून पर भरोसा करने के बजाय खुद ही न्याय करने निकल पड़ते हैं। यह न सिर्फ कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज के लिए भी एक खतरनाक संकेत है।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अपर थानाध्यक्ष चन्दन कुमार ने बताया कि पीड़ित पक्ष के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि अगर समय रहते ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं बरती गई, तो भीड़तंत्र कानून के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है।

