ब्रह्मपुर में ‘रसीद के नाम पर वसूली’, बालू ट्रकों से प्रति गाड़ी 200 रुपये की मांग पर भड़के चालक
ब्रह्मपुर नगर पंचायत क्षेत्र में बालू लदे ट्रकों से कथित तौर पर “रसीद” के नाम पर अवैध वसूली का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रति ट्रक 200 रुपये की मांग को लेकर ट्रक चालकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इस बीच, पूरे घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है। हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि केशव टाइम्स नहीं करता है, लेकिन इससे उठे सवालों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

__ वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद, समाजसेवी ने दी प्रशासन को अल्टीमेटम—जल्द कार्रवाई नहीं तो होगी एफआईआर
केटी न्यूज/ब्रह्मपुर
ब्रह्मपुर नगर पंचायत क्षेत्र में बालू लदे ट्रकों से कथित तौर पर “रसीद” के नाम पर अवैध वसूली का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रति ट्रक 200 रुपये की मांग को लेकर ट्रक चालकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इस बीच, पूरे घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है। हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि केशव टाइम्स नहीं करता है, लेकिन इससे उठे सवालों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, कई ट्रक चालकों ने आरोप लगाया है कि ब्रह्मपुर क्षेत्र से गुजरते समय उनसे नगर पंचायत की रसीद दिखाकर 200 रुपये प्रति ट्रक वसूले जा रहे हैं। चालकों का कहना है कि यह वसूली न तो पारदर्शी है और न ही इसका कोई स्पष्ट नियम बताया जा रहा है। इससे न केवल उनके आर्थिक बोझ में इजाफा हो रहा है, बल्कि यह भी संदेह पैदा हो रहा है कि कहीं यह संगठित अवैध उगाही का मामला तो नहीं। इस मुद्दे को समाजसेवी चितरंजन राय ने प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने ट्रक चालकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी शिव शक्ति कुमार से सीधे जवाब मांगा।

राय का कहना है कि यदि नगर पंचायत के नाम पर इस तरह की वसूली हो रही है, तो इसकी वैधता और प्रक्रिया सार्वजनिक होनी चाहिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “अगर यह वसूली अवैध है, तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वे कोई भी हों।” वहीं, कार्यपालक पदाधिकारी शिव शक्ति कुमार ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो और प्राप्त शिकायतों के आधार पर पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी और यदि किसी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इधर, समाजसेवी चितरंजन राय ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो वे संबंधित लोगों और अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने से पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि यह मामला सिर्फ ट्रक चालकों के शोषण का नहीं, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही का भी है। फिलहाल, इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह नगर पंचायत की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करेगा और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

