नई शिक्षा नीति के तहत बहुभाषिक शिक्षा पर जोर, छात्रों में बढ़ेगी सांस्कृतिक समझ

नई शिक्षा नीति के तहत लागू किए जा रहे त्रिभाषा सूत्र को लेकर शिक्षा जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इसी क्रम में विद्या भारती बिहार ने इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है।

नई शिक्षा नीति के तहत बहुभाषिक शिक्षा पर जोर, छात्रों में बढ़ेगी सांस्कृतिक समझ

केटी न्यूज/बक्सर

नई शिक्षा नीति के तहत लागू किए जा रहे त्रिभाषा सूत्र को लेकर शिक्षा जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इसी क्रम में विद्या भारती बिहार ने इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है। संगठन के प्रदेश सचिव रामलाल सिंह ने कहा कि बहुभाषिक शिक्षा व्यवस्था से बच्चों में भाषाई दक्षता के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति जुड़ाव भी मजबूत होगा।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना भी जरूरी है। त्रिभाषा सूत्र के माध्यम से छात्र अपनी मातृभाषा के साथ अन्य भारतीय एवं अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का भी ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे।इससे उनकी अभिव्यक्ति क्षमता, बौद्धिक विकास और संवाद कौशल में वृद्धि होगी।

रामलाल सिंह ने कहा कि मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने से बच्चों की समझ बेहतर होती है और उनमें आत्मविश्वास का विकास होता है। भारतीय भाषाओं के अध्ययन से विद्यार्थियों में देश की विविध संस्कृति, परंपरा और ज्ञान परंपरा के प्रति सम्मान की भावना भी विकसित होगी। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और सभ्यता की पहचान भी होती है।उन्होंने बताया कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के स्तर पर पहले से ही कई भारतीय और विदेशी भाषाओं के अध्ययन का विकल्प उपलब्ध है, जिससे छात्रों को अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुसार भाषाएं चुनने का अवसर मिल रहा है।प्रदेश सचिव ने अभिभावकों, शिक्षकों और समाज से बच्चों को बहुभाषिक शिक्षा के लिए प्रेरित करने की अपील करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में भाषाई समृद्धि की बड़ी भूमिका होगी।