नैतिकता का पाठ हमें स्वयं पढ़ना होगा - प्रो. नवल किशोर यादव
डी.के. कॉलेज, डुमरांव में शुक्रवार को “लोकतंत्र, समाज और मीडिया की नैतिकता” विषय पर एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, प्रशासन और विधायिका से जुड़े गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमामय बना दिया। परिचर्चा का उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था में नैतिक मूल्यों की भूमिका और मीडिया की जिम्मेदारियों पर विचार-विमर्श करना था।
-- डी.के. कॉलेज डुमरांव में एक दिवसीय परिचर्चा, लोकतांत्रिक मूल्यों पर वक्ताओं के विचार
-- लोकतंत्र, समाज और मीडिया की नैतिकता पर मंथन
केटी न्यूज/डुमरांव
डी.के. कॉलेज, डुमरांव में शुक्रवार को “लोकतंत्र, समाज और मीडिया की नैतिकता” विषय पर एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, प्रशासन और विधायिका से जुड़े गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमामय बना दिया। परिचर्चा का उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था में नैतिक मूल्यों की भूमिका और मीडिया की जिम्मेदारियों पर विचार-विमर्श करना था।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयोग के आयुक्त प्रकाश कुमार रहे, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में बिहार विधान परिषद के सदस्य प्रो. नवल किशोर यादव उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में विश्वविद्यालय के कुलसचिव राम कृष्ण ठाकुर एवं महाविद्यालय निरीक्षक राजू मोची शामिल थे।

सभी वक्ताओं ने विषय के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला और वर्तमान सामाजिक परिदृश्य में नैतिकता की आवश्यकता को रेखांकित किया।मुख्य वक्ता प्रो. नवल किशोर यादव ने कहा कि नैतिकता आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान दौर में न तो नैतिकता की विधिवत शिक्षा दी जा रही है और न ही समाज में इसका समुचित पालन दिखाई देता है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं नैतिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने लोकतंत्र और मीडिया की भूमिका पर भी प्रकाश डालते हुए जिम्मेदार आचरण की आवश्यकता बताई।

-- नैतिकता समाज के साथ बदलती है - प्रकाश कुमार
मुख्य अतिथि प्रकाश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि नैतिकता कोई स्थिर अवधारणा नहीं है, बल्कि यह समाज और समय के अनुसार बदलती रहती है। एक समाज में जो नैतिक है, वह दूसरे समाज में अनैतिक भी हो सकता है। इसलिए नैतिकता का व्यापक विश्लेषण जरूरी है। उन्होंने महाविद्यालय के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि यदि संस्थान के हित में प्रोटोकॉल तोड़ना भी पड़े, तो वह इससे पीछे नहीं हटेंगे।
-- भव्य शुरुआत, एनसीसी छात्रों का गार्ड ऑफ ऑनर
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की संस्थापिका धरीक्षणा कुंवरी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके पश्चात एनसीसी के छात्रोंकृसाहिल कुमार सिंह, अभिनव गिरी, शंकर गौड़, मधु मिश्रा सहित अन्यकृने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अतिथियों का सम्मान किया। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गान ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया।

-- न्यूज लेटर का विमोचन, अतिथियों का सम्मान
इस अवसर पर महाविद्यालय द्वारा प्रकाशित न्यूज लेटर का विमोचन किया गया। प्राचार्या प्रो. वीणा कुमारी, शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने अतिथियों को शॉल, बुके और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। पत्रकारों का सम्मान कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. रवि रंजन पाण्डेय द्वारा किया गया।

-- महाविद्यालय के विकास पर जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. वीणा कुमारी ने कहा कि शिक्षा और अनुशासन महाविद्यालय के विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने जानकारी दी कि क्षेत्र के शैक्षणिक विकास के लिए विश्वविद्यालय से विभिन्न विषयों में पीजी विभाग खोलने का आग्रह किया गया है, जिस पर विश्वविद्यालय ने सकारात्मक रुख दिखाया है। कुलसचिव प्रो. राम कृष्ण ठाकुर ने भी महाविद्यालय के सभी कार्यों में सहयोग का भरोसा दिलाया।मंच संचालन डॉ. मनोज कुमार सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. विनोद कुमार सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया। अंत में राष्ट्रगान जन-गण-मन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
