2017 के साइबर फ्रॉड का खुला पुराना राज, डुमरांव से तीन आरोपित गिरफ्तार
करीब नौ साल पुराने साइबर फ्रॉड के मामले में गुजरात पुलिस ने डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र में दबिश देकर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। तकनीकी जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर गुजरात पुलिस की टीम ने सोमवार को अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर तीनों को दबोचा।

__ गुजरात पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर दबोचा, मंगलवार को तीनों को अपने साथ ले गई
केटी न्यूज/डुमरांव।
करीब नौ साल पुराने साइबर फ्रॉड के मामले में गुजरात पुलिस ने डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र में दबिश देकर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। तकनीकी जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर गुजरात पुलिस की टीम ने सोमवार को अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर तीनों को दबोचा। पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मंगलवार को गुजरात पुलिस तीनों को अपने साथ ले गई।गिरफ्तार आरोपितों में डुमरांव थाना क्षेत्र के रजडीहा गांव निवासी दीपू कुमार, पिता स्व. द्वारिका पांडेय, अटांव गांव निवासी समी अली, पिता गुलबास तथा सिकरौल थाना क्षेत्र के खड़े खड़ेसरी गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपितों पर वर्ष 2017 में गुजरात में साइबर अपराध की एक बड़ी घटना को अंजाम देने का आरोप है। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि कथित साइबर फ्रॉड से जुड़ी रकम में से बड़ी राशि तीनों के बैंक खातों में भी पहुंची थी। लंबे समय से चल रही तकनीकी जांच के क्रम में गुजरात पुलिस ने बैंकिंग लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला। इसी आधार पर तीनों की भूमिका संदिग्ध पाई गई और उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।

बताया जाता है कि मामले की जांच के दौरान गुजरात पुलिस को तीनों के खिलाफ पर्याप्त तकनीकी साक्ष्य मिले थे। इसके बाद गुजरात पुलिस की टीम डुमरांव पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्रवाई को अंजाम दिया।डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने गुजरात पुलिस द्वारा तीन लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। फिलहाल गुजरात पुलिस तीनों आरोपितों को अपने साथ ले गई है, जहां उनसे मामले में आगे पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नौ साल पुराने साइबर अपराध के इस मामले में हुई कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।

