131 फीट ऊंचे टॉवर चोरी कांड के खुलासे के करीब पहुंची पुलिस, एक संदिग्ध हिरासत में
131 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर, जनरेटर और अन्य तकनीकी उपकरणों की कथित चोरी का बहुचर्चित मामला अब खुलासे के बेहद करीब पहुंचता दिखाई दे रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस अनोखी चोरी कांड में एक महत्वपूर्ण संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

– मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंचने का दावा, चोरी गए उपकरणों की बरामदगी के लिए चल रही छापेमारी, जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा
केटी न्यूज/डुमरांव
131 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर, जनरेटर और अन्य तकनीकी उपकरणों की कथित चोरी का बहुचर्चित मामला अब खुलासे के बेहद करीब पहुंचता दिखाई दे रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस अनोखी चोरी कांड में एक महत्वपूर्ण संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस अब मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंच गई है और चोरी गए उपकरणों की बरामदगी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।हालांकि पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि मामले की गुत्थी लगभग सुलझ चुकी है। पुलिस को पूछताछ के दौरान ऐसे अहम तथ्य मिले हैं, जिनसे यह स्पष्ट हो रहा है कि टॉवर और उससे जुड़े उपकरणों को सुनियोजित तरीके से हटाया गया था।

पुलिस अब उन स्थानों की तलाश में जुटी है, जहां चोरी के बाद उपकरणों को ठिकाने लगाया गया है।जानकारी के अनुसार हिरासत में लिए गए व्यक्ति से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। उसके स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर पुलिस टीम विभिन्न संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में चोरी गए उपकरणों की बरामदगी भी हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो यह डुमरांव के हाल के वर्षों के सबसे चर्चित मामलों में पुलिस की बड़ी सफलता मानी जाएगी।सूत्रों की मानें तो इस मामले की संवेदनशीलता और व्यापक चर्चा को देखते हुए पुलिस के वरीय अधिकारी स्वयं पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं। जांच अंतिम चरण में पहुंचने के बाद प्रेस वार्ता आयोजित कर पूरे मामले का खुलासा किया जा सकता है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि चोरी में कितने लोग शामिल थे और चोरी किए गए सामान को कहां और किस उद्देश्य से ले जाया गया।

इधर, तीसरे दिन भी डुमरांव समेत आसपास के क्षेत्रों में 131 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर की चोरी चर्चा का प्रमुख विषय बनी रही। चाय की दुकानों, बाजारों और चौक-चौराहों पर लोग इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं करते नजर आए। लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतने बड़े टॉवर को काटकर हटाने की पूरी प्रक्रिया कई दिनों तक चलती रही और किसी को इसकी भनक तक कैसे नहीं लगी।अब पूरे इलाके की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। जिस मामले को शुरू में लोग रहस्य, लापरवाही या किसी बड़े खेल से जोड़कर देख रहे थे, उसका सच जल्द ही सामने आ सकता है। यदि पुलिस उपकरणों की बरामदगी और साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी में सफल रहती है तो डुमरांव का यह बहुचर्चित टॉवर चोरी कांड जल्द ही अपने अंजाम तक पहुंच जाएगा।

