सोमाली मौजा में अटके राजस्व मामलों को रफ्तार देने की तैयारी
प्रखंड मुख्यालय में गुरुवार को आयोजित एक अहम बैठक में प्रशासन ने लंबे समय से लंबित राजस्व मामलों को तेजी से निपटाने की दिशा में ठोस पहल के संकेत दिए। एडीएम अरुण कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ब्रह्मपुर विधायक शंभूनाथ यादव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक का मुख्य फोकस चक्की क्षेत्र के शिवपुर दियर स्थित सोमाली मौजा में अधूरे पड़े सत्यापन कार्य और लगान निर्धारण को लेकर रहा।

__ लगान निर्धारण और अभिलेख सत्यापन पर जोर, प्रशासन ने समयबद्ध समाधान का दिया भरोसा
केटी न्यूज/चक्की
प्रखंड मुख्यालय में गुरुवार को आयोजित एक अहम बैठक में प्रशासन ने लंबे समय से लंबित राजस्व मामलों को तेजी से निपटाने की दिशा में ठोस पहल के संकेत दिए। एडीएम अरुण कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ब्रह्मपुर विधायक शंभूनाथ यादव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक का मुख्य फोकस चक्की क्षेत्र के शिवपुर दियर स्थित सोमाली मौजा में अधूरे पड़े सत्यापन कार्य और लगान निर्धारण को लेकर रहा।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीएस और आरएस सर्वे पूरा होने के बावजूद कई भूखंडों का सत्यापन अब तक लंबित है, जिससे राजस्व वसूली प्रभावित हो रही है।

वर्तमान में इस मौजा में कुल 36 जमाबंदी दर्ज हैं, लेकिन कई मामलों में न तो लगान तय हो पाया है और न ही अभिलेखों का सही मिलान हो सका है।बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिन भूखंडों पर रिविजनल सर्वे के आधार पर लगान बनता है, उनका शीघ्र निर्धारण कर संबंधित फाइलें डीसीएलआर कार्यालय भेजी जाएंगी। वहीं, जिन खातों में पहले से लगान तय है, उन्हें यथावत रखते हुए राजस्व संग्रहण को सुचारू बनाए रखने पर जोर दिया गया।अंचलाधिकारी संगीता कुमारी ने बताया कि सोमाली मौजा से जुड़े आवश्यक अभिलेख जिला स्तर से मंगवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

दस्तावेज मिलते ही प्राथमिकता के आधार पर सत्यापन और लंबित मामलों के निष्पादन का कार्य तेज किया जाएगा।जनप्रतिनिधियों ने बैठक में भूमि विवादों और लगान निर्धारण से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से उठाते हुए त्वरित समाधान की मांग की। इस पर प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि सभी मामलों में पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।बैठक के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि लंबे समय से अटके राजस्व मामलों को जल्द ही गति मिलेगी और क्षेत्र में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी।

