कृषि आंकड़ों की शुद्धता पर विशेष जोर, रबी मौसम को लेकर बक्सर में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित

कृषि वर्ष 2025-26 के दौरान कृषि सांख्यिकी कार्यों को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बक्सर अनुमंडल के सभी प्रखंडों के संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों के लिए एक दिवसीय आवृत्तिचर्या प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन बुधवार को नगर भवन, बक्सर में किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सांख्यिकी पदाधिकारी मोती कुमार दिनकर ने की।

कृषि आंकड़ों की शुद्धता पर विशेष जोर, रबी मौसम को लेकर बक्सर में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित

-- कृषि वर्ष 2025-26 के लिए कृषि सांख्यिकी कर्मियों का क्षमतावर्द्धन, डिजिटल पोर्टल व मोबाइल अनुप्रयोगों की दी गई जानकारी

केटी न्यूज/बक्सर

कृषि वर्ष 2025-26 के दौरान कृषि सांख्यिकी कार्यों को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बक्सर अनुमंडल के सभी प्रखंडों के संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों के लिए एक दिवसीय आवृत्तिचर्या प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन बुधवार को नगर भवन, बक्सर में किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सांख्यिकी पदाधिकारी मोती कुमार दिनकर ने की।कार्यशाला का शुभारंभ जिला सांख्यिकी पदाधिकारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कृषि सांख्यिकी के अंतर्गत आंकड़ा संग्रहण की शुद्धता एवं समयबद्धता पर विशेष बल दिया।

उन्होंने उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया कि कृषि से संबंधित सभी आंकड़ों का संकलन एवं प्रतिवेदन निर्धारित समय-सीमा के भीतर सटीक रूप से सुनिश्चित किया जाए।जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि सांख्यिकी के आंकड़े केवल कागजी प्रक्रिया नहीं हैं, बल्कि इनका सीधा संबंध किसानों के हितों से जुड़ा हुआ है। प्राकृतिक आपदा, सूखा या अन्य कारणों से फसल क्षति की स्थिति में इन्हीं आंकड़ों के आधार पर किसानों को क्षतिपूर्ति का लाभ मिलता है। इसके अतिरिक्त राज्य एवं केंद्र सरकार की कृषि नीतियों के निर्माण, योजना निर्धारण एवं विकास कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने में भी कृषि आंकड़े अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं।

प्रशिक्षण सत्र का संचालन सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी, इटाढ़ी हेमंत कुमार चौबे तथा जिला सांख्यिकी कार्यालय, बक्सर के सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी अभय प्रताप सिंह द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के दौरान कृषि सांख्यिकी से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें फसल क्षेत्र सर्वेक्षण, खेसरा पंजी का संधारण, जिन्सवार एवं द्वितीय जिन्सवार विवरण, भूमि उपयोग विवरणी, शुद्ध सिंचित क्षेत्र की जानकारी, प्रक्षेत्र मूल्य निर्धारण, नेत्रांकन विधि, फसल सांख्यिकी में सुधार की प्रक्रिया तथा फसल कटनी प्रयोग जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे।इसके साथ ही प्रतिभागियों को सरकार द्वारा संचालित डिजिटल सांख्यिकी पोर्टल, फसल कटनी प्रयोग कृषि मोबाइल अनुप्रयोग तथा डिजिटल सामान्य फसल अनुमान प्रणाली अनुप्रयोग के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

इन माध्यमों से आंकड़ा प्रविष्टि, अद्यतन एवं प्रतिवेदन भेजने की विधि को सरल तरीके से समझाया गया, ताकि भविष्य में कार्य निष्पादन अधिक सहज, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित हो सके।इस अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजस्व अधिकारी चौसा, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी, सहायक एवं प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी, राजस्व कर्मचारी, किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक सहित अन्य संबंधित कर्मी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यशाला के समापन पर अधिकारियों ने इस प्रकार के प्रशिक्षण को कृषि प्रशासन एवं किसान हित में अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।